आमजन के लिए जारी होगा कॉमन कॉन्टेक्ट नंबर, ताकि एसीबी तक पहुंच सके भ्रष्टाचार की शिकायत: सीएम अशोक गहलोत


जयपुर. प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार को नई दिल्ली से जयपुर पहुंचे। यहां एयरपोर्ट से सीधे झालाना सांस्थानिक क्षेत्र स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के मुख्यालय पहुंचे। वहां सीएमओ और एसीबी के उच्चाधिकारियों के साथ एसीबी के कामकाज और एक्शन प्लान पर समीक्षा मीटिंग की।


करीब एक घंटे चली मीटिंग में सीएम गहलोत ने डीजी एसीबी डॉ. आलोक वशिष्ठ, एडीजी सौरभ श्रीवास्तव व आईजी दिनेश एमएन के साथ एसीबी के कामकाज की रिपोर्ट देखीं। कई मुद्दों व फिल्ड में आने वाली परेशानियों के बारे में पूछा। इसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मीडिया से मुखातिब हुए।


उन्होंने कहा कि एसीबी के कार्यों में पारदर्शिता कैसे रहे। एसीबी अपना काम और अच्छा कर सके। इसके लिए पब्लिक की भूमिका अहम है। पब्लिक जितना ज्यादा सहयोग करेगी। एसीबी उतना ज्यादा अच्छा काम करेगी। सीएम गहलोत ने कहा कि इसलिए हम ऐसे तीन विचार कर रहे है।


इनमें पहला यह कि पब्लिक के लिए कोई कॉमन नंबर देंगे। इससे वो अपनी शिकायत दर्ज करवा सकें। शिकायतकर्ता का नाम गुप्त रखा जाए। जो ट्रेप करवाते है। ऐसे लोग जो तकलीफ में है। ट्रेप करवाने के बाद संबंधित विभाग उनको तंग नहीं करे। उनके काम आसानी से हो। इसके लिए सरकार ऐसी व्यवस्था करेगी कि ट्रेप करवाने के बाद फिर कोई विभाग उन्हें तकलीफ नहीं हो।


वह कहीं वह फंस ना जाए। उसके काम हो। सरकार ऐसा प्रयास करेगी। सीवीसी व सीवीओ सिस्टम को मजबूत करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसीबी अच्छा काम कर रही है। भ्रष्टाचार केसों को लेकर सीएम ने कहा कि आय से अधिक संपत्ति की शिकायतों का सर्वे करवाया जाएगा। एसीबी का तंत्र और मजबूत किया जाएगा।


सीएम ने कहा कि आम बोलचाल में एक जुमला होता है कि सब छोटी मछली पकड़ते है। बड़ी मछली नहीं। लेकिन ऐसा नहीं है। एसीबी सिर्फ छोटी ही नहीं, बड़ी भी पकड़ेगी। वहीं, एसीबी को अब वित्त विभाग से ट्रांसक्रिप्शन सॉफ्टवेयर की स्वीकृति भी दे दी गई है। सीएम की सराहना से एसीबी के अधिकारी भी खुश नजर आए।