गहलोत बोले- राहुल बजाज के बाद पार्लियामेंट के अंदर लोग खुलकर बोलने लगे, वरना सब उद्यमी के मुंह पर ताले लगे थे


जयपुर. मंगलवार को जयपुर में बापू नगर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उद्योगपति राहुल बजाज के बोलने के बाद संसद के अंदर लोग खुलकर बोलने लगे हैं। वरना सब उद्यमी के मुंह पर ताले लगे हुए थे।


गहलोत ने कहा कि छोटे बड़े व्यापारी बर्बाद हो रहे थे, उद्यमी बर्बाद हो रहे थे पर बोलने की हिम्मत किसी की नहीं हो रही थी। आज देश संकट में है। यह लोग समझ नहीं पा रहे हैं और स्वीकार नहीं कर रहे हैं, अब मैं उम्मीद करता हूं कि वह स्वीकार भी करेंगे। जिससे की अर्थव्यवस्था पटरी पर आए। मैं साधुवाद देता हूं राहुल बजाज को और मैं उम्मीद करता हूं कि एक माहौल अब जो देश में है उसमें सुधार आएगा और देश का भला होगा।


गहलोत ने कहा कि जब राजीव गांधी की हत्या हुई जेएस वर्मा कमीशन बैठा था। जो सीजेआई थे वह रिटायरमेंट के बाद उन्होंने कहा था अगर राजीव गांधी से एसपीजी नहीं हटाई जाती तो उनकी जान बच सकती थी। तो क्या इन लोगों को दिखता नहीं है किस प्रकार से इनके परिवार के 2 लोगों ने एक प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए इंदिरा गांधी ने जान दे दी। इसलिए उसके बाद में एसपीजी बनी, राजीव गांधी शहीद हो गए क्योंकि एसपीजी हटा दी गई। 


गहलोत बोले कि सोनिया गांधी के आह्वान 14 तारीख को देश की राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में हजारों, लाखों कार्यकर्ता आएंगे। पूरे देश भर से लोग आएंगे और बताएंगे किस प्रकार लोकतंत्र खतरे में है, किस प्रकार अर्थव्यवस्था तहस-नहस हो गई है, किस प्रकार नौकरी मिल नहीं रही है बल्कि जा रही है, व्यापार धंधे ठप्प पड़े हैं। तमाम बातें वहां कहीं जाएगी और मैं समझता हूं कि सरकार को जो उनका अहम और घमंड  तोड़ने के लिए वो रैली बहुत बड़ी कारगर साबित होगी।


क्या कहा था राहुल बजाज ने


शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान उद्योगपति राहुल बजाज ने कहा था कि देश में एक डर का माहौल है। यूपीए-2 के समय हम सरकार की खुलकर आलोचना कर सकते थे। अभी आप अच्छा काम कर रहे हैं, इसके बावजूद अगर हम आलोचना करेंगे, तो भरोसा नहीं है कि आप इसकी तारीफ करेंगे। इस पर शाह ने कहा कि अगर ऐसा है तो हमें स्थिति सुधारने का प्रयास करना होगा।