सैनिक सम्मान के साथ हुआ शहीद सौरभ का अंतिम संस्कार, 16 दिन पहले ही हुई थी शादी


 





भरतपुर. भारतीय सेना की 28 आरआर रेजीमेंट के जवान रूपवास पंचायत समिति के ग्राम बरौली ब्राह्मण निवासी अमर शहीद सौरभ का पार्थिव देह गुरुवार को पंचतत्व में विलीन हुआ। छोटे भाई अनुप कटारा ने उन्हे दी मुखाग्नि। इस दौरान जब तक सूरज चांद रहेगा सौरभ तेरा नाम रहेगा नारों के साथ गांव गूंज गया। मंगलवार रात श्रीनगर से कूपवाडा में सैन्य वाहन ले जाते समय ग्रेनेड हमले में सौरभ शहीद हुए थे। सौरभ का सम्मान पैतृक गांव बरौली ब्राह्मण में पूर्ण सैनिक सम्मान के साथ किया गया। 


शहीद सौरभ के पार्थिव शरीर के गांव में पहुंचते ही आसपास के दर्जनों ग्राम के लोग उमड़ पड़े शहीद के अंतिम दर्शन करने। भारत माता की जय, भारत जिन्दाबाद-पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों से गूंज उठा पूरा गांव। तिरंगे में लिपटे शहीद के पार्थिव देह पर पर्यटन एवं देवस्थान मंत्री विश्वेन्द्र सिंह, सांसद रंजीता कोली, जिला कलक्टर नथमल डिडेल,  पुलिस अधीक्षक हैदर अली जैदी, भरतपुर मिलिट्री स्टेशन के कमान्डर कर्नल अंशुमान श्रीवास्तव, बैटरी कमाण्डर मेजर राहुल डे के साथ बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा ग्रामीणों ने पुष्पांजली अर्पित की। साथ ही भारतीय सेना के जवानों ने हवाई फायरिंग कर सलामी भी दी। 


स्टेशन कमाण्डर कर्नल अंशुमान श्रीवास्तव ने शहीद के पिता को तिरंगा ध्वज प्रदान किया। वहीं शहीद वीरांगना पूनम, शहीद के पिता हवलदार नरेश कटारा, चाचा रिंकू शर्मा ने शहादत पर गर्व जताया। जानकारी अनुसार, मृतक सौरभ का बुधवार को जन्मदिन था। सौरभ व उसके बड़े भाई की आठ दिसंबर को भी दो सगी बहनों के साथ शादी हुई थी। जिसके बाद छुट्टी पूरी कर पांच दिन पहले ही गांव से नौकरी पर कुपवाड़ा गया था।