अभी 7 दिन और जारी रहेगा देश की पहली रेल बस सेवा का संचालन, 25 साल पुरानी है ट्रेन


नागौर. मेड़ता सिटी से मेड़ता रोड के बीच 25 सालों से चल रही रेल बस का सफर बंद करने का फैसला शनिवार को टाल दिया गया। अब 7 फरवरी तक रेल बस का संचालन किया जाएगा। बता दें कि 24 अक्टूबर 1994 को पूर्व केंद्रीय मंत्री नाथूराम मिर्धा ने हरी झंडी दिखाकर रेल बस का शुभारंभ करवाया था।


पहले 4 रेल बसें थी, इनमें से 3 पहले ही रिटायर हो चुकी। चौथी रेल बस की संचालन अवधि भी समाप्त हो गई है। लोगों की सुविधा के लिए अभी रेल बस की सर्विस जारी रखी जाएगी। जो दिन में तीन फेरे लगाएगी। 


मेड़ता रोड एसएसई कैरैज ने जोधपुर मंडल के अधिकारी को पत्र भेज बताया था कि रेल बस संख्या 30013 की संचालन अवधि 15 साल की ही है। फिर वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर जोधपुर ने वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक को पत्र भेज बताया कि रेल बस 30013 की निर्माण तिथि 2002 है। जनवरी 2020 में पीओएच ड्यू हो गया है। 


मामला अदालत तक भी पहुंचा था मगर राहत नहीं मिली
जागरूक नागरिक रेल बस व्यवस्था में सुधार के लिए न्यायालय तक गए। 1 माह में व्यवस्था सुधारने के निर्देश जारी हुए थे। मगर राहत नहीं मिली। वहीं दूसरी ओर शुक्रवार देर रात तक रेल बस बंद हाेने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने तक रेल बस को चलाए जाने को लेकर मंडल रेल प्रबंधक जोधपुर आशुतोष पंत की जयपुर जोन पर वार्ता जारी थी मगर रात 10 बजे तक वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ।


1 हजार से अधिक यात्री रोज करते थे सफर
एक दिन में एक हजार से अधिक यात्री रेल बस में यात्रा करते हैं। लंबी दूरी के यात्री मेड़ता रोड उतरकर मेड़ता सिटी सहित अजमेर तक का सफर तय करते हैं। एक दिन में मेड़ता रोड से 500 से 600 के बीच टिकट वितरित, कम से कम 200 से अधिक एमएसटी धारक व लंबी दूरी के यात्री रेल बस में सफर करते हैं। मगर अब यह रेल बस बंद हो गई है।


1 साल से 15 किमी सफर में 65 मिनट लगा रही थी रेल बस
मेड़ता रोड- मेड़ता सिटी के बीच सी 4,5,6,7,9,10,11 सात मानवरहित फाटक है। जहां पर चैन फाटक लगाई गई है। बीते एक साल से एक गेंगमैन रेल बस में बैठकर जाता है, जो प्रत्येक मानवरहित फाटक पर रेल बस रोक कर सेफ्टी चेन लगाता है। फिर रेल बस आगे बढ़ने के साथ ही रुकती है फिर गैंगमैन रेल बस में बैठता है। ऐसे 7 मानव रहित फाटक व मेड़ता सिटी में स्थित 2 रेल फाटक संख्या सी 12, 13 पर बंद व खोलता है। जिससे 15 किमी के सफर में 65 मिनट का वक्त लगता है।


शनिवार से रेल बस की सेवा समाप्त कर कंडम करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। पूर्व में भी इस संदर्भ में 21 मई 2019 को पत्र लिखा गया था तथा कैरैज कंट्रोल जोधपुर ने सीएचसी जोधपुर को मीमो भी दे दिया है।