विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रणजीत बच्चन की गोली मारकर हत्या, भाई भी जख्मी


लखनऊ
यूपी की राजधानी लखनऊ में हिंदूवादी नेता और विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रणजीत बच्चन की सनसनीखेज हत्या से हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि बाइक सवार हमलावरों ने उनके सिर में कई गोलियां मारीं और वारदात के बाद मौके से फरार हो गए। सुबह-सुबह हुए इस हत्याकांड के बाद मौके पर लखनऊ के पुलिस कमिश्नर और आला अधिकारी पहुंचे। इससे पहले बीते साल हिंदूवादी नेता और हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी।


जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर के रहने वाले रणजीत जब सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए निकले तो बाइक सवार बदमाशों ने उनके सिर में गोली मार दी। रणजीत की मौके पर ही मौत हो गई। डीसीपी सेंट्रल लखनऊ दिनेश सिंह ने वारदात के बारे में बताया, 'शव की पहचान रणजीत बच्चन के रूप में हुई है, जो मॉर्निंग वॉक के लिए आए थे। इसी दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें गोली मार दी। मामले की जांच के लिए एक पुलिस टीम बनाई गई है।' सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉ


रणजीत का भाई भी घायल
गोरखपुर के रहने वाले रणजीत बच्चन हजरतगंज की ओसीआर बिल्डिंग के बी-ब्लॉक में रहते थे। इससे पहले रणजीत समाजवादी पार्टी से भी जुड़े रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, अपने भाई आशीष श्रीवास्तव के साथ वह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। परिवर्तन चौक के पास स्थित ग्लोब पार्क से निकलते ही बाइक सवार बदमाशों ने उनपर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमले में रणजीत के सिर में गोली लगी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई, वहीं घायल आशीष का ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। पुलिस हत्या की वजह तलाशने में जुटी है।


कांग्रेस ने योगी सरकार पर बोला हमला
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'यूपी में कानून व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो गई है। प्रदेश में लगातार हत्या और लूट जैसी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सरकार कुछ नहीं कर रही है।' उन्होंने कहा, 'अब यूपी को हत्या के लिए जाना जाने लगा है। मुख्यमंत्री कानून व्यवस्था नहीं संभाल पा रहे हैं। वह सिर्फ भाषणमंत्री बनकर रह गए हैं।' र्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस हत्यारों की तलाश में जुटी हुई है। 


पिछले साल कमलेश तिवारी की हुई थी हत्या
इससे पहले 18 अक्टूबर 2019 को लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। गला रेतने से पहले हत्यारों ने उन्हें गोली भी मारी थी। हत्या के पांचवें दिन मुख्य आरोपियों अशफाक और मोइनुद्दीन पठान को गुजरात एटीएस ने गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों ने अपना गुनाह कबूल किया था। अशफाक सूरत के लिंबायत स्थित ग्रीन व्यू अपार्टमेंट का रहने वाला है जबकि मोइनुद्दीन खुर्शीद पठान उमारवाड़ा स्थित लो कास्ट कॉलोनी, सूरत का रहने वाला है। अशफाक पेशे से मेडिकल रीप्रजेंटेटिव और मोइनुद्दीन फूड डिलिवरी बॉय का काम करता था।