शिवराज सिंह चौहान को मध्य प्रदेश विधानसभा में मिला विश्वास मत, सीएम के रूप में चौथे कार्यकाल के लिए तैयार


भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री के रूप में अपने चौथे कार्यकाल के लिए मध्य प्रदेश विधानसभा में सर्वसम्मति से विश्वास प्रस्ताव हासिल कर लिया है। बता दें कि कांग्रेस का एक भी विधायक मतदान के समय विधानसभा में मौजूद नहीं था। सपा, बसपा और निर्दलीय विधायकों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया।


भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिग्गज नेताओं में शुमार शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार मध्यप्रदेश की बागडोर संभाली है। कांग्रेस के 22 विधायकों के बगावत करने और सदस्यता से इस्तीफा दिए जाने के बाद कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई थी। मुख्यमंत्री कमलनाथ को 20 मार्च को पद से इस्तीफा देना पड़ गया था। 13 साल की उम्र में शिवराज संघ से जुड़े और अब तक भाजपा को मध्य प्रदेश में मजबूती देने में लगे हुए हैं। पांच बार लगातार सांसद चुने गए। 13 साल तक लगातार मुख्यमंत्री भी रहे।


शिवराज सिंह चौहान 2003-2004 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। 1990 में पहली बार बुधनी विधानसभा से विधायक बने। अगले ही साल वह पहली बार लोकसभा चुनाव भी जीते। वह पांच बार लगातार विधानसभा लोकसभा सीट से चुनाव जीते। इसके बाद वह 2005 से 2018 तक तीन बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर काबिज रहे। पिछले चुनाव में बीजेपी बहुमत से दूर रह गई, इस कारण उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ गया था, लेकिन अल्पमत में आने के बाद कमलनाथ ने इस्तीफा दिया और शिवराज चौथी बार एमपी के मुख्यमंत्री बने।