जेडीयू छोड़ेंगे प्रशांत किशोर? पार्टी बोली- रास्ता चुनें


पटना
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जेडीयू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर का पार्टी के खिलाफ बागी तेवर बरकरार है। शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन उन्होंने ट्वीट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की। इस बीच जेडीयू महासचिव आरसीपी सिंह ने दो टूक कहा कि अगर प्रशांत किशोर पार्टी छोड़कर जाना चाहें तो वह इसके लिए स्वतंत्र हैं। सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि वैसे भी उन्हें अनुकंपा के आधार पर पार्टी में शामिल किया गया था। उधर, आज प्रशांत किशोर जेडीयू प्रमुख और सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात करने वाले हैं।


नागरिकता संशोधन कानून पर प्रशांत किशोर की तरफ से लगातार किए जा रहे ट्वीट को लेकर पूछे गए एक सवाल पर जेडीयू महासचिव ने यह प्रतिक्रिया दी। पटना में पत्रकारों के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा, वह (प्रशांत किशोर)कौन हैं? वह पार्टी में कब आए? संगठन का कौन सा काम उन्होंने किया है और अब वह कहां काम कर रहे हैं? उनके जैसे लोग अनुकंपा के आधार पर पार्टी में आए हैं और अगर वह पार्टी की नीति के साथ नहीं हैं तो उन्हें अपना रास्ता चुनना चाहिए।' 


'सिर्फ ट्वीट करने से कुछ नहीं होता'
सिंह ने आगे कहा, 'पार्टी प्रमुख (बिहार के सीएम नीतीश कुमार) ने उन्हें इतना सम्मान दिया। लेकिन, देखिए अब वह (प्रशांत किशोर) क्या कर रहे हैं। ऐसे लोग अनुकंपा पर पार्टी में आए हैं और उन्हें लगता है कि वह उन लोगों के सामने खड़े होंगे जो कड़ी मेहनत के माध्यम से आगे बढ़े हैं। सिर्फ ट्वीट करने से कुछ नहीं होता।' यह पूछे जाने पर कि क्या पार्टी प्रशांत किशोर के खिलाफ कोई कार्रवाई करेगी, सिंह ने कहा, 'उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी क्योंकि वह पार्टी में फिलहाल कोई महत्वपूर्ण पद नहीं संभाल रहे हैं।'

लगातार निशाना साध रहे हैं प्रशांत
बता दें कि शुक्रवार को भी प्रशांत ने अपनी पार्टी के रुख के खिलाफ जाते हुए ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था, बहुमत से संसद में नागरिकता संशोधन कानून पास हो गया। न्यायपालिका के अलावा अब 16 गैर बीजेपी मुख्यमंत्रियों पर भारत की आत्मा को बचाने की जिम्मेदारी है, क्योंकि ये ऐसे राज्य हैं, जहां इसे लागू करना है।' उन्होंने आगे लिखा, 'तीन मुख्यमंत्रियों (पंजाब, केरल और पश्चिम बंगाल) ने सीएबी और एनआरसी को नकार दिया है और अब दूसरे राज्यों को अपना रुख स्पष्ट करने का समय आ गया है।'


'पार्टी फोरम पर रखना चाहिए अपना विचार'
इससे पहले जेडीयू ने अपने नेताओं को ऐसे बयानों से बचने की सलाह दी थी लेकिन किशोर ने उन सलाहों को नजरअंदाज करते हुए एक बार फिर अपनी नाराजगी सार्वजनिक की है। जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने शुक्रवार को कहा कि किसी भी निर्णय पर सहमत नहीं होने पर अपने विचार पार्टी फोरम में रखना चाहिए।


राष्ट्रपति कोविंद ने नागरिकता संशोधन बिल को दी मंजूरी, बना कानून

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