शरद पवार बोले- नया नागरिकता ऐक्ट नकार दे महाराष्ट्र सरकार, धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने वाला है यह कानून


मुंबई
महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार में साझीदार एनसीपी के मुखिया शरद पवार ने शनिवार को कहा कि प्रदेश सरकार को भी बाकी 8 प्रदेशों की तरह नागरिकता संशोधन ऐक्ट को लागू करने से मना कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि नया नागरिकता कानून भारत के सामाजिक और धार्मिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाला है।


नागरिकता संशोधन ऐक्ट और प्रस्तावित एनआरसी को केंद्र सरकार की चाल बताते हुए पवार ने कहा कि मोदी सरकार ऐसा करके अन्य गंभीर मुद्दों से देश का ध्यान हटाना चाहती है। इसके अलावा पवार ने आशंका जताई कि केंद्र सरकार नागरिकता संशोधन ऐक्ट का विरोध करने वाली प्रदेश सरकारों को बर्खाश्त कर सकती है। पूर्व केंद्रीय मंत्री पवार ने कहा कि उनकी पार्टी इस कानून का तबसे विरोध करती है, जब इसे बिल के रूप में सदन में पेश किया गया था।

'विरोध पर प्रदेश सरकारें बर्खाश्त कर सकता है केंद्र'
पवार ने एक सवाल के जवाब में कहा कि देश के 8 राज्य, जिसमें एनडीए शासित बिहार भी शामिल है, ने नागरिकता कानून को अपने यहां लागू करने से मना कर दिया है। ऐसे में महाराष्ट्र सरकार को भी ऐसा ही स्टैंड लेना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन अगर राज्य केंद्र सरकार के आदेश का विरोध करते हैं तो संभावना है कि केंद्र इन राज्य सरकारों को बर्खाश्त कर दे।' गौरतलब है कि बिहार के अलावा केरल, पंजाब, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत 8 प्रदेशों ने अपने यहां नागरिकता कानून लागू करने से मना कर दिया है।


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