बूंदी बस हादसा / 21 लोगों की एक साथ निकली अंतिम यात्रा, 2 दंपती और उनके एक-एक बच्चे का साथ में हुआ दाह संस्कार


कोटा. बूंदी बस हादसे में मारे गए 24 लोगों में से 21 लोग आपस में रिश्तेदार हैं। इन 21 लोगों की अंतिम यात्रा कोटा के जवाहर नगर से एक साथ निकली तो परिवार और पड़ोसियों की चीखें निकल गईं। मरने वालों में दो परिवार ऐसे थे जिनमें पति-पत्नी और एक-एक बच्चे की मौत हो गई तथा एक-एक बच्चा बच गया।


दो भाइयों अशोक और नरेश का परिवार भात में गया ही नहीं। इस परिवार के बच्चे की परीक्षा थी। इसलिए इन्होंने शाम को जाना तय किया था। इसलिए इनका परिवार बच गया, लेकिन इनकी दो बहनों की हादसे में मौत हो गई। दोनों बहनें शादीशुदा थीं। एक बहन इनके साथ ही रहती थी और एक बूंदी में रहती थी।



अशोक और नरेश के घर से रवाना हुई शवयात्रा


मरने वालों में कोटा व बूंदी के रहने वाले थे। इनमें कुछ परिवार कोटा में अलग-अलग रहते थे। परिजनों ने तय किया कि सभी का अंतिम संस्कार नरेश और अशोक के घर से ही होगा। इसलिए 21 शवों को इनके घर लाया गया। जहां से 21 एंबुलेंस से अंतिम यात्रा किशोरपुरा मुक्तिधाम के लिए रवाना हुई जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।


बुधवार सुबह हुआ था हादसा


उल्लेखनीय है कि कोटा के गणेश तालाब निवासी मुरली धोबी का परिवार सुबह निजी बस से सवाईमाधोपुर में नीम की चौकी निवास बादाम के यहां भात लेकर जा रहा था। ये लोग सुबह सात बजे जवाहर नगर पेट्रोल पंप के सामने से बस में सवार हुए थे। बादाम की बेटी प्रीति की बुधवार को शादी थी। बस सुबह करीब पौने 10 बजे पापड़ी पलकया पर पलट गई।


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