पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन अकेले मेरे कहने से नहीं होता: मुख्यमंत्री गहलोत


जयपुर. शहर में परिवहन विभाग में मासिक बंधी को लेकर हो रहे भ्रष्टाचार के खुलासे के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का मंगलवार को एक बयान सामने आया है। सीएम गहलोत ने कहा कि हम बार-बार कहते हैं कि प्रशासन संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह होना चाहिए। लेकिन वो मेरे अकेले के कहने से नहीं होता है। इसके लिए हमारे मंत्रिमंडल के साथी, सभी विधायक, ब्यूरोक्रेसी के लोग सबको मिलकर ये संकल्प लेना होगा कि जिस जनता ने हमें यहां बड़े पदों पर बैठाया है। उन सबकी ड्यूटी है कि जनता की सुनवाई हो। चाहे वो ब्यूरोक्रेसी हो या जननेता। सरकार की भावना है कि संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की भावना हो।


पूर्व मुख्यमंत्री जयनारायण व्यास की जयंती पर पीसीसी पहुंचे थे सीएम गहलोत


दरअसल, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रहे जयनारायण व्यास की जयंती पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी, मुख्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखा गया था। जहां सीएम गहलोत व अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने जयनारायण व्यास को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद गहलोत बाहर आए।


जहां मीडियाकर्मी द्वारा सवाल पूछा गया कि यदि कहीं गड़बड़ियां और अनियमितता कहीं होती है तो सरकार जीरो टॉलरेंस करती है। ऐसे में सरकार ने पारदर्शी, संवेदनशील और जवाबदेही को लेकर किस तरह मैसेज दिया है। तब सीएम गहलोत ने तमाम मंत्रीमंडल, विधायक और ब्यूरोक्रेसी के सामूहिक संकल्प के जरिए इस तरह की सरकार और प्रशासन देने की बात कही। इसके बाद मुख्यमंत्री के इस बयान को एसीबी कार्रवाई के बाद जोड़कर देखा जा रहा है।


जो कर्मचारी अधिकारी कर्मचारी कोताही बरतेगा, सरकार की उस पर नजर रहेगी


मुख्यमंत्री गहलोत ने यह भी कहा कि हम चाहेंगे कि जनता की सुनवाई सर्वोपरि हो और जो कर्मचारी-अधिकारी उसमें कोताही बरतेगा, सरकार की नज़र उस पर रहेगी। सुनवाई करना बहुत आवश्यक है। किसी का काम होगा या किसी का काम नहीं होगा। लेकिन प्रशासन सुनवाई नहीं करेगा तो फैसला कैसे कर सकता है। इसलिए हम चाहते हैं कि सरकार की जो योजनाएं हैं, वो जनता तक पहुंचे। सर्विस डिलिवरी अच्छी हो। इसमें हम लोग लगे हुए हैं।


क्या है मामला
गत रविवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने दलालों के जरिये वाहन मालिकों को डरा-धमकाकर परिवहन विभाग के अफसरों द्वारा मासिक बंधी लेने का बड़ा खुलासा किया था। एसीबी ने रविवार को 2 डीटीओ व 6 इंस्पेक्टर के अलावा 7 दलालों को कस्टडी में लेकर सर्च अभियान चलाया। देर रात तक 1.20 करोड़ रु. नकद, प्रॉपर्टी के दस्तावेज तथा दलालों से रिश्वत के लेनदेन की सूचियों सहित अहम साक्ष्य मिले। 3 इंस्पेक्टर फरार बताए गए हैं। जबकि 7 अधिकारी राडार पर हैं। मामले में सोमवार को 8 परिवहन विभाग के अफसर और 7 दलालों को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले एक इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह और दलाल मनीष को रंगे हाथों ट्रैप किया गया था।


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