वंदे भारत मिशन / विदेशों से भारतीयों की वापसी का दूसरा फेज 16 मई से शुरू होगा, 7 दिन में 31 देशों से 149 फ्लाइट आएंगी


नई दिल्ली. कोरोना की वजह से विदेशों में फंसे भारतीयों की वतन वापसी के मिशन वंदे भारत का दूसरा फेज 16 मई से शुरू होगा। यह फेज सात दिन यानी 22 मई तक चलेगा। इस दौरान 31 देशों से 149 फ्लाइट्स आएंगी। सबसे ज्यादा 13 फ्लाइट अमेरिका से आएंगी। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी है। वंदे भारत मिशन का पहला फेज 7 मई को शुरू हुआ था।


दूसरे फेज में किन-किन देशों से भारतीय लाए जाएंगे?
अमेरिका, यूएई, कनाडा, सऊदी अरब, ब्रिटेन, मलेशिया, ओमान, कजाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, यूक्रेन, कतर, इंडोनेशिया, रूस, फिलीपींस, फ्रांस, सिंगापुर, आयरलैंड, किर्गिस्तान, कुवैत, जापान, जॉर्जिया, जर्मनी, तजाकिस्तान, बहरीन, अर्मेनिया, थाईलैंड, इटली, नेपाल, बेलारूस, नाइजीरिया, बांग्लादेश।


इन 5 देशों से सबसे ज्यादा फ्लाइट आएंगी
अमेरिका  13
यूएई  11
कनाडा  10
सऊदी अरब  9
ब्रिटेन  9


पहले फेज का आज छठा दिन है। आज 9 देशों से 12 विमानों में भारतीयों की वापसी होगी। इन फ्लाइट के लैंड होने का समय और किस फ्लाइट में कितने लोग आएंगे, ये अभी पता नहीं चल पाया है। इससे पहले मिशन के पांचवें दिन 8 उड़ानों से 1 हजार 667 लोग लौटे थे।


आज ये 12 फ्लाइट आएंगी
1. मनीला से अहमदाबाद
2. लंदन से हैदराबाद
3. नेवार्क से मुंबई-अहमदाबाद
4. मस्कट से चेन्नई
5. दुबई से कन्नूर
6. दुबई से मैंगलोर
7. सिंगापुर से बेंगलुरू-कोच्चि
8. सिंगापुर से दिल्ली
9. ढाका से श्रीनगर
10. दम्माम से कोच्चि
11. कुआलालंपुर से दिल्ली
12. मनीला से दिल्ली


पांचवें दिन किस फ्लाइट से कितने लोग आए?
फ्लाइट  कितने लोग आए
सैन फ्रांसिस्को-मुंबई  225
लंदन-दिल्ली  326
मनीला-मुंबई  150
दुबई-कोच्चि  178
कुआलालंपुर-चेन्नई  180
लंदन-दिल्ली  331
अबू धाबी-हैदराबाद  170
ढाका-मुंबई  107


पहले 5 दिनों में 6 हजार लोग लौटे
वंदे भारत मिशन के पहले फेज में एयर इंडिया ग्रुप के विमानों को लगाया गया है। 14 मई तक 12 देशों से 14 हजार 800 भारतीयों को लाने का प्लान है। 11 मई तक 31 विमानों से 6 हजार 37 लोग लौट चुके हैं।


फ्लाइट का किराया यात्रियों को खुद देना है
वंदे भारत मिशन के तहत भारत लौट रहे लोगों को फ्लाइट का किराया और क्वारैंटाइन का खर्च खुद उठा रहे हैं। इस मिशन में बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छात्रों, बीमारों या फिर उन लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है जिनके घर में किसी की मौत हो गई है या फिर कोई गंभीर रूप से बीमार है।