107 दिन के बाद कितने 'सामान्य' कश्मीर के हालात


श्रीनगर
जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए और राज्य का दर्जा वापस लिए जाने के 107 दिन के बाद  एक सामान्य दिन बड़े अर्से के बाद देखने को मिला। दुकानें पूरा दिन खुली रहीं और जम्मू-कश्मीर राज्य सड़क परिवहन निगम की बसें घाटी में दूसरी जगहों के लिए चलीं। इससे घाटी में सामान्यता वापस लौटने के संकेत मिले हैं, साथ ही यह अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि इस हफ्ते के आखिर तक ब्रॉडबैंड सेवाएं भी वापस शुरू हो जाएंगी। एक नजर डालते हैं कि घाटी में किन सेवाओं पर प्रतिबंध अभी जारी हैं, किन से प्रतिबंध पूरी तरह हटा लिए गए हैं और कहां ढील दी गई है।


ट्रांसपोर्ट
कश्मीर घाटी में ट्रेन सेवाएं पूरी तरह से 17 नवंबर को चालू कर दी गईं। इससे पहले 12 नवंबर के बाद से ही ट्रायल रन किए जा रहे थे, जिनके सफल होने के बाद ट्रेनें चलाई गईं। बता दें कि 3 अगस्त से ही सेवाएं बाधित थीं। श्रीनगर के अंदर कैब सेवाएं भी शुरू हो गई हैं। सभी प्रतिबंध लगने से पहले घाटी में घूमने आए पर्यटकों को दिए गए बाहर जाने के निर्देश भी हटा लिए गए हैं। 10 अक्टूबर से ही यातायात के प्रतिबंध हटा लिए गए।


कम्यूनिकेशन
18 अक्टूबर को सभी लैंडलाइन सेवाएं शुरू हो गई थीं। पोस्टपेड मोबाइल सेवाएं भी 14 अक्टूबर से शुरू हो गई थीं लेकिन एसएमएस सेवाओं पर प्रतिबंध लगा था। अभी घाटी में प्री-पेड मोबाइल सेवा बंद है। इंटरनेट भी नहीं चल रहा है जिस कारण सोशल मीडिया का प्रयोग नहीं किया जा सकता। मीडिया से जुड़े प्रतिबंध भी बरकरार हैं।


शॉपिंग
इतने दिन के बाद 18 नवंबर को पहली बार घाटी में दुकानें पूरे दिन खुली रहीं। गौरतलब है कि 28 सिंतबर को ही घाटी के 105 पुलिस स्टेशनों की जद में आने वाली दुकानों से दिन के वक्त खुले रहने का प्रतिबंध वापस ले लिया गया था।

एजुकेशन
3 अक्टूबर को स्कूल और 9 अक्टूबर को कॉलेज और यूनिवर्सिटी खोल दिए गए थे। इससे पहले 28 अगस्त को सभी उच्च माध्यमिक स्कूल भी खोल दिए गए थे लेकिन स्टूडेंट्स नहीं पहुंचे।

राजनीतिक प्रतिबंध
यावर मीर, नूर मोहम्मद और शोएब लोन को 10 अक्टूबर को डिटेंशन से रिहा कर दिया गया। 6 अक्टूबर को नैशनल कॉन्फ्रेंस का प्रतिनिधिमंडल फारूक और उमर अब्दुल्ला से उनके हिरासत में जाने के बाद पहली बार मिला। फिलहाल पब्लिक सेफ्टी ऐक्ट के तहत पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती हिरासत में ही हैं।