बेटों में तनाव कम करने के लिए लालू का दांव!-जगदानंद सिंह बने बिहार आरजेडी प्रमुख


पटना
2019 के आम चुनाव में करारी हार मिलने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) में संगठन के स्तर पर बड़ा फेरबदल शुरू हो गया है। इसके तहत पार्टी ने अपने सबसे सीनियर नेताओं में से एक जगदानंद सिंह को बिहार प्रदेश अध्यक्ष बना दिया है। वह लालू प्रसाद यादव के बेहद करीबी नेताओं में रहे हैं।


बेटों में तनाव कम करने की कोशिश
जगदानंद को मिली नई जिम्मेदारी को लालू के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव और छोटे पुत्र तेजस्वी प्रसाद यादव के बीच तनाव को कम करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है। साथ ही राजपूत नेता को प्रदेश अध्यक्ष की कमान देने के पीछे आरजेडी की सोशल इंजिनियरिंग की भी कोशिश है। जब राबड़ी देवी बिहार की सीएम थीं, तब जगदानंद सिंह का कद सरकार में सबसे बड़ा माना जाता था। जगदानंद सिंह का प्रदेश अध्यक्ष बनना लालू प्रसाद के पार्टी में दखल के रूप में भी देखा जा रहा है।


जगदानंद के प्रस्तावकों में आरजेडी प्रमुख की पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी तथा उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में जाने जाने वाले एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी एवं विधायकगण शामिल हैं। 


तेजप्रताप से पूर्वे की थी अनबन
जगदानंद ने अब बिहार विधान परिषद सदस्य रामचंद्र पूर्वे की जगह ली है। पूर्वे पांच बार लगातार आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष पद आसीन रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि वर्तमान में रांची में चारा घोटाले के कई मामलों में सजा काट रहे लालू प्रसाद के कहने पर ही जगदानंद को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। लालू के बड़े पुत्र तेजप्रताप पूर्वे से नाराज चल रहे थे।


आरजेडी के अंदर सर्वमान्य नेता की छवि
जगदानंद की उन समाजवादी नेताओं में होती है जो विवादों से दूर रहे हैं और पार्टी के भीतर सभी गुटों द्वारा सम्मानित हैं। नामांकन दाखिल करने के बाद जगदानंद ने कहा था, 'हम लालू प्रसाद द्वारा पार्टी की स्थापना के बाद से उनके साथ हैं। 36 दिनों में, वर्ष 2020 शुरू हो जाएगा। तेजस्वी यादव के युवा नेतृत्व में आने वाले वर्ष में सामाजिक न्याय और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए अपनी लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प लें।'