इन्दिरा गांधी को देश हरित क्रान्ति ,बांग्लादेश-निर्माण, बैंकों के राष्ट्रीयकरण,पोकरण परमाणु परीक्षण, अन्तरिक्ष में प्रथम भारतीय को भेजने जैसी बड़ी उपलब्धियों के लिए सदैव करेगा याद -सूचना एवं जनसम्पर्क मंत्री


सूचना एवं जनसम्पर्क मंत्री ने देखी बालिकाओं के साथ 'सांड की आंख' मोटिवेशनल फिल्म


जयुपर। आयरन लेडी तथा भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री श्रीमती इन्दिरा गांधी की जंयती 'शक्ति' दिवस के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा मंगलवार को मालवीय नगर क्षेत्र स्थित जीटी सेन्ट्रल के आईनोक्स सिनेमाघर में  सरकारी विद्यालयों की छात्रओं को मोटिवेशनल 'सांड की आंख' फिल्म दिखाई गयी। फिल्म 'सांड की आंख' को देखकर बालिकाएं खासा प्रसन्न और उत्साह से लबरेज दिखाई दी। फिल्म देखने के बाद बालिकाओं में कामयाबी पाने का दृढ़ संकल्प भी दिखाई दिया।


'शक्ति' दिवस पर फिल्म 'सांड की आंख' के निः शुल्क प्रदर्शन के अवसर पर सूचना एवं जनसम्पर्क मंत्री डॉ. रघुु शर्मा ने सिनेमाघर में उपस्थित बालिकाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री श्रीमती इन्दिरा गांधी ने अपने मजबूत इरादाें के साथ देश का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि श्रीमती गांधी के द्वारा बांग्लादेश का निर्माण, बैंकों का राष्ट्रीयकरण, पोकरण में परमाणु परीक्षण, प्रथम भारतीय के रूप में राकेश शर्मा को अन्तरिक्ष में भेजा जाना तथा देश में हरित क्रान्ति लाना ऎसी बड़ी उपलब्धियां थी जिनके लिए देश उनको सदैव याद करेगा।


सूचना एवं जनसम्पर्क मंत्री ने कहा कि आयरन लेडी के नाम से विख्यात श्रीमती गांधी ने देश की एकता और अखण्डता के लिए अपने प्राणों की आहूती दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रहते हुए श्रीमती गांधी ने पाकिस्तान के दो टुकडे कर बग्ंलादेश का निर्माण कर, एक इतिहास रच दिया। उन्होंने कहा कि लगभग एक लाख पाकिस्तानी सैनिकों ने हिन्दुस्तान की सेना के सामने घुटने टेक कर, आत्मसमर्पण कर दिया था। 1971 के युद्ध में पाकिस्तान को भारत की ओर से करारा जवाब दिया गया था,  उस समय श्री अटल बिहारी वाजपयी जी ने लोकसभा में इन्दिरा गांधी जी को  दुर्गा का अवतार बताया था।


डॉ. रघुु शर्मा ने कहा कि  इन्दिरा गांधी इस देश में न केवल हरित क्रांति के लिये जानी जाती है बल्कि उन्होंने जब बैंकों तक केवल सम्पन्न लोगों की ही पहुंच थी उस वक्त देश के 14  बैंकों का एकसाथ राष्टीयकरण करके गरीबों के लिये बैंकों के दरवाजे खोल दिए थे। 110 निर्गुट राष्ट्रों की राष्ट्राध्यक्ष बनकर उन्होंने सशक्त नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय श्रीमती इन्दिरा गांधी ने इस देश को बहुत कुछ दिया है।


सूचना एवं जनसम्पर्क मंत्री ने कहा कि श्रीमती इन्दिरा गांधी की जन्म जयंती के अवसर पर आज पूरा देश उनको उनके द्वारा किये हुए ऎतिहासिक कार्यो के लिए याद करता है। उन्होंने कहा कि श्रीमती गांधी ने प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए पोकरण में परमाणु परीक्षण, भारत की ओर से पहली बार अंतरिक्ष में राकेश शर्मा को भेजने जैसे क्रांतिकारी फैसलें लेकर देश को आधुनिक विकास की दौड़ में आगे कर दिया। उन्होंने कहा कि आज देश उनको लोकतंत्र को मजबूत करने, साथ ही अनेक महान कार्यो के लिए याद कर रहा है और सदैव याद  करता रहेगा। नौजवान पीढी को ऎसी महान नेता और आजाद हिन्दुस्तान के 70 वषोर्ं के इतिहास में एकमात्र महिला प्रधानमंत्री के जीवन,त्याग, संघर्षो और बलिदान से से प्रेरणा लेनी चाहिए। 


उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखण्डता को समर्पित श्रीमती गांधी ने  बचपन में आजादी के आन्दोलन में वानर सेना बनाकर अपना योगदान दिया। ऎसी महान व्यक्तित्व श्रीमती गांधी के बारे में आज की पीढ़ी को ज्यादा से ज्यादा अवगत करवाकर उन्हें राष्ट्रनिर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।


बालिकाओं को सिखाएं आत्मरक्षा के गुर - सूचना एवं जनसम्पर्क मंत्री डॉ. रघुु शर्मा तथा आयुक्त डॉ. नीरज के. पवन तथा वित्तीय सलाहकार श्रीमती अनुपमा शर्मा की उपस्थिति में आईनोक्स सिनेमा हॉल में उपस्थित बालिकाओं को फिल्म 'सांड की आंख' दिखाने से पूर्व जयपुर पुलिस की सब इन्स्पेक्टर श्रीमती प्रियंका तिवाड़ी के नेतृत्व में  आत्मरक्षा के गुर सिखाएं गए तथा बालिकाओं को सक्षम बनने के लिए प्रेरित किया गया।


पॉपकॉर्न और गर्म समोसों के साथ देखी फिल्म- बालिकाओं को फिल्म 'सांड की आंख'   देखने के दौरान अल्पाहार स्वरूप पोपकॉर्न और गर्म समोसे भी वितरित किए गए।


बालिकाओं में दिखे उमंग और उत्साह-फिल्म 'सांड की आंख' देखने के दौरान बदलती हुए घटना-प्रतिघटनाओं पर महिला किरदारों के संघर्ष के रोमांच पर बालिकाओं ने बार-बार तालियां बजाकर फिल्म का आनंद लिया। बालिकाओं में फिल्म देखने के पश्चात खासा उत्साह और उमंग नजर आई। बालिकाओं में फिल्म की दादियों तथा नायिका के प्रति जोश दिखा तो उनके स्वंय के मन में ऎसे उदाहरण पेश करने का संकल्प भी नजर आया। बालिकाओं ने इस फिल्म को महिला सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण बताया तथा सरकार की ओर से बालिकाओं को निःशुल्क फिल्म दिखाकर प्रेरित किए जाने के प्रयास को सराहनीय कदम भी बताया।


उल्लेखनीय है कि शक्ति दिवस के अवसर पर जयपुर के विभिन्न सिनेमाघरों में राजकीय विद्यालयों की लगभग 2 हजार 500 बालिकाओं को निःशुल्क मोटिवेशनल फिल्म दिखाई गयी।