सिद्धारमैया ने कहा हमारा अजेंडा यह है कि ऐसा कोई विधायक चुनाव न जीते जिस डिसक्वॉलिफाई किया जा चुका है।


बेंगलुरु
कर्नाटक में होने वाले उपचुनावों से पहले राजनीतिक दलों में जोड़-तोड़ की सुगबुगाहट तेज हो गई है। एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी के लिए सरकार बचाने की चुनौती सामने है, वहीं पहले गठबंधन की सरकार चला चुकीं कांग्रेस-जेडी(एस) में दरार पड़ने की खबरें भी चलने लगी हैं। ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने साफ कहा है कि पार्टी का ध्यान इस बात पर है कि जिन विधायकों की सदस्यता रद्द की जा चुकी है, उन्हें चुनावों में हार मिले।


सिद्धारमैया ने कहा है, 'इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कुमारस्वामी हमारा समर्थन करते हैं या नहीं। हमारा अजेंडा यह है कि ऐसा कोई विधायक चुनाव न जीते जिस डिसक्वॉलिफाई किया जा चुका है।' उनका कहना है कि चर्चा का मुद्दा यह नहीं है कि जेडी(एस) बीजेपी का समर्थन करती है या नहीं। सिद्धारमैया ने कहा है, 'उन्हें 113 का बहुमत का आंकड़ा छूने के लिए 8 सीटें जीतनी होंगी। उन्हें 105+8 जीतनी हैं ताकि वे सरकार बचा सकें।' 


हेराती के बयान के बाद अटकलें तेज
बता दें कि मंगलवार को जेडीएस क के वरिष्ठ नेता बसवराज होराती ने कहा कि पांच दिसंबर के उपचुनाव परिणामों के बाद अगर बीएस येदियुरप्पा नीत बीजेपी सरकार को विधायकों की संख्या कम पड़ती है तो पूरी संभावना है कि उनकी पार्टी येदियुरप्पा सरकार का समर्थन करेगी। होराती ने कहा कि तीन राजनीतिक दलों- बीजेपी, कांग्रेस और जेडीएस का कोई भी विधायक सरकार गिराने के लिए तैयार नहीं है और कोई भी मध्यावधि चुनाव नहीं चाहता।


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