CAA विरोधः दरियागंज हिंसा में 15 लोगों की गिरफ्तारी, सीमापुरी में पथराव पर 5 'बाहरी' हिरासत में


नई दिल्ली
दिल्ली के दरियागंज में शुक्रवार शाम हुई हिंसा के मामले में 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन पर पुलिसकर्मियों को ड्यूटी निभाने से रोकने के लिए बल प्रयोग करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने शनिवार को बताया कि शुरुआत में 10 लोगों को पकड़ा गया था लेकिन बाद में पांच और लोगों को गिरफ्तार किया गया। आपको बता दें कि प्रदर्शन और हिंसा के संबंध में 40 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें से आठ नाबालिगों को शनिवार तड़के रिहा कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि हिरासत में लिए गए इन लोगों में से 15 को गिरफ्तार किया गया है। मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।


पुलिस पर पत्थरबाजी, 5 'बाहरी' हिरासत में
इस बीच, दिल्ली के सीमापुरी इलाके में शुक्रवार को संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पथराव के आरोप में पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। इस घटना में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त घायल हो गए थे। पुलिस ने शनिवार को बताया कि शाहदरा जिले के अतिरिक्त डीसीपी रोहित राजबीर सिंह को इस घटना में मामूली चोटें आईं। अब वह ठीक हैं। पुलिस ने बताया कि पड़ोसी इलाकों से पांच 'बाहरी' लोगों को घटना के संबंध में हिरासत में लिया गया है। उन्होंने बताया कि उन्हें संदेह है कि वे उत्पात मचाने के इरादे से आए थे।

शुक्रवार को जामा मस्जिद के पास प्रोटेस्ट में क्या हुआ
आपको बता दें कि शुक्रवार को जामा मस्जिद के पास संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन चल रहा था। शाम तक प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और पथराव के साथ एक वाहन को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की और भीड़ को नियंत्रित किया।

..तभी संविधान की प्रति लेकर पहुंचे चंद्रशेखर
शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद जामा मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में लोग नागरिकता कानून का विरोध करने के लिए जमा हुए थे। यहां प्रदर्शन शांतिपूर्ण चल रहा था। दोपहर 2 बजे के आसपास भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर भी यहां पहुंच गए। वह संविधान की एक कॉपी लेकर यहां पहुंचे थे। मस्जिद से यह अपील की गई कि लोग जंतर-मंतर की तरफ न जाएं। शाम होते-होते माहौल बदल गया।


पुलिस को भी आशंका थी कि इलाके में हिंसा हो सकती है। पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग कर दी। 4 बजे के आसपास लोग दिल्ली गेट की तरफ बढ़ने लगे। तभी स्थानीय मस्जिद से मगरिब की नमाज के लिए लोगों को बुलाया गया। 6 बजे के आसपास प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और एक कार को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने यह भी बताया था कि इस हिंसा में दिल्ली के बाहर के लोग शामिल थे। शनिवार को पुलिस ने 15 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी। 


गौरतलब है कि रविवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद भी पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसमें जामिया मिल्लिया के स्टूडेंट शामिल नहीं थे।

भीम आर्मी के प्रमुख आजाद हिरासत में
भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को शनिवार तड़के जामा मस्जिद के बाहर से हिरासत में ले लिया गया। संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ दिल्ली के जामा मस्जिद से जंतर-मंतर तक मार्च निकालने की घोषणा करने वाले भीम आर्मी के अध्यक्ष पुलिसकर्मियों को झांसा देकर मस्जिद के अंदर दाखिल हुए थे जबकि पुलिस उन्हें हिरासत में लेने के लिए उनकी घंटों तलाश करती रही।



CAA विरोधः दरियागंज हिंसा में 15 लोगों की गिरफ्तारी, सीमापुरी में पथराव पर 5 'बाहरी' हिरासत में


 

शुक्रवार को जामा मस्जिद से शुरू हुआ प्रदर्शन शाम होते-होते उग्र हो गया और पथराव, आगजनी की घटनाएं हुईं। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। शनिवार को पुलिस ने 15 लोगों को गिरफ्तार किया है।


नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:


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दरियागंज में हुई हिंसा में बाहरी लोगों का हाथ, जांच जारी: दिल्ली पुलिस
 

 



 

हाइलाइट्स

  • दरियागंज इलाके में शुक्रवार को हुई हिंसा मामले में पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है

  • सीएए के खिलाफ पूरे देश में प्रोटेस्ट चल रहा है। जुमे की नमाज के बाद दिल्ली में जामा मस्जिद से प्रदर्शन शुरू हो गया

  • मना करने के बावजूद शाम को लोग दिल्ली गेट की तरफ बढ़े और पुलिस पर पथराव किया

  • इसके बाद पुलिस ने भी कार्रवाई की, प्रदर्शनकारियों ने एक कार को भी आग लगा दी थी



नई दिल्ली
दिल्ली के दरियागंज में शुक्रवार शाम हुई हिंसा के मामले में 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन पर पुलिसकर्मियों को ड्यूटी निभाने से रोकने के लिए बल प्रयोग करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने शनिवार को बताया कि शुरुआत में 10 लोगों को पकड़ा गया था लेकिन बाद में पांच और लोगों को गिरफ्तार किया गया। आपको बता दें कि प्रदर्शन और हिंसा के संबंध में 40 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें से आठ नाबालिगों को शनिवार तड़के रिहा कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि हिरासत में लिए गए इन लोगों में से 15 को गिरफ्तार किया गया है। मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।


टॉप कॉमेंट

जिन लोगों को अपने हिंसात्मक विरोध पर बहुत गुमान है , देश और देश की सम्पत्ति जलाने का बुखार चढ़ा हुआ है उन लोगों को मुड़ कर एक बार सोच और देख लेना चाहिए कि जो लोग कश्मीर का सत्तर बरस ...+

vikash tyagi




पुलिस पर पत्थरबाजी, 5 'बाहरी' हिरासत में
इस बीच, दिल्ली के सीमापुरी इलाके में शुक्रवार को संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पथराव के आरोप में पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। इस घटना में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त घायल हो गए थे। पुलिस ने शनिवार को बताया कि शाहदरा जिले के अतिरिक्त डीसीपी रोहित राजबीर सिंह को इस घटना में मामूली चोटें आईं। अब वह ठीक हैं। पुलिस ने बताया कि पड़ोसी इलाकों से पांच 'बाहरी' लोगों को घटना के संबंध में हिरासत में लिया गया है। उन्होंने बताया कि उन्हें संदेह है कि वे उत्पात मचाने के इरादे से आए थे।

शुक्रवार को जामा मस्जिद के पास प्रोटेस्ट में क्या हुआ
आपको बता दें कि शुक्रवार को जामा मस्जिद के पास संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन चल रहा था। शाम तक प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और पथराव के साथ एक वाहन को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की और भीड़ को नियंत्रित किया।

..तभी संविधान की प्रति लेकर पहुंचे चंद्रशेखर
शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद जामा मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में लोग नागरिकता कानून का विरोध करने के लिए जमा हुए थे। यहां प्रदर्शन शांतिपूर्ण चल रहा था। दोपहर 2 बजे के आसपास भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर भी यहां पहुंच गए। वह संविधान की एक कॉपी लेकर यहां पहुंचे थे। मस्जिद से यह अपील की गई कि लोग जंतर-मंतर की तरफ न जाएं। शाम होते-होते माहौल बदल गया।

यह भी पढ़ेंःजामा मस्जिद से दिल्ली गेट, कैसे बदला माहौल

पुलिस को भी आशंका थी कि इलाके में हिंसा हो सकती है। पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग कर दी। 4 बजे के आसपास लोग दिल्ली गेट की तरफ बढ़ने लगे। तभी स्थानीय मस्जिद से मगरिब की नमाज के लिए लोगों को बुलाया गया। 6 बजे के आसपास प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और एक कार को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने यह भी बताया था कि इस हिंसा में दिल्ली के बाहर के लोग शामिल थे। शनिवार को पुलिस ने 15 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी।


 


गौरतलब है कि रविवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद भी पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसमें जामिया मिल्लिया के स्टूडेंट शामिल नहीं थे।

भीम आर्मी के प्रमुख आजाद हिरासत में
भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को शनिवार तड़के जामा मस्जिद के बाहर से हिरासत में ले लिया गया। संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ दिल्ली के जामा मस्जिद से जंतर-मंतर तक मार्च निकालने की घोषणा करने वाले भीम आर्मी के अध्यक्ष पुलिसकर्मियों को झांसा देकर मस्जिद के अंदर दाखिल हुए थे जबकि पुलिस उन्हें हिरासत में लेने के लिए उनकी घंटों तलाश करती रही।


NBT


उन्होंने कहा, 'हमें बलिदान देना होगा ताकि कानून वापस लिया जाए। हम हिंसा का समर्थन नहीं करते। हम शुक्रवार सुबह से मस्जिद के अंदर बैठे थे और हमारे लोग हिंसा में शामिल नहीं थे।' मस्जिद के आस-पास बड़ी संख्या में तैनात पुलिसकर्मी आजाद के बाहर आने का इंतजार कर रहे थे। बड़ी संख्या में लोग भी यहां एकत्र थे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उनसे शुक्रवार शाम से मस्जिद से बाहर आने की अपील कर रहे थे। कई घंटों तक चले इस नाटक का अंत शनिवार तड़के करीब तीन बजकर 15 मिनट पर हुआ जब आजाद बाहर आने को राजी हो गए।

हिरासत में लोगों के लिए अदालत से राहत
दरियागंज हिंसा के मामले में हिरासत में लिए गए 40 लोगों के लिए दिल्ली की एक अदालत का निर्देश कुछ राहत लेकर आया। अदालत ने दिल्ली पुलिस को हिरासत में लिए लोगों से वकीलों को मिलने देने और उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। दरअसल, मुख्य मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट अरुल वर्मा के घर पर वकील हिरासत में लिए लोगों से मिलने की अनुमति मांगने के लिए पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने दरियागंज पुलिस थाने के प्रभारी को बीती रात में ही ये निर्देश जारी किए।

जज ने की खिंचाई तब पुलिस ने नाबालिगों को छोड़ा
अधिवक्ता कृति अवस्थी और आदित्य पुजारी ने मुख्य मेट्रोपोलिन मैजिस्ट्रेट को बताया कि थाने में नाबालिगों समेत कुछ अन्य लोगों को हिरासत में रखा गया है और वे इलाके के मेट्रोपोलिटन मैजिस्ट्रेट या ड्यूटी मजिस्ट्रेट से नहीं मिल सके। वर्मा ने थाना प्रभारी को हिरासत में मौजूद घायलों को जरूरी इलाज उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया। जज ने नाबालिगों को हिरासत में लेने को लेकर दिल्ली पुलिस की यह कहते हुए खिंचाई भी की कि अगर कोई नाबालिग कानून विरोधी गतिविधि में कथित तौर पर लिप्त है, तो भी उसे पहली बार में हिरासत में नहीं लिया जाना चाहिए और जरूरत पड़ने पर उनके साथ कानून के प्रावधानों के मुताबिक सुलूक किया जाना चाहिए। बाद में, पुलिस ने कहा कि शुक्रवार को हिरासत में लिए गए आठ नाबालिगों को रिहा कर दिया गया है।

पेट्रोल बम फेंकने वाला भी गिरफ्तार
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में मंगलवार को पुलिस और सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के बीच हुए संघर्ष में भीड़ ने पुलिस पर खुल कर 'पेट्रोल-बम' फेंके थे। ये बम देसी फॉर्म्युले से बनाए गए थे। इन बमों को बनाने के लिए ज्यादा सामान की जरूरत नहीं पड़ती है। गिरफ्तार हमलावर का नाम रहीस है। उसके साथ उसके साथी हसन को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि विस्फोट के साथ ही मौके से भाग रहे संदिग्ध (जो बाद में पेट्रोल बम फेंकने वाला रहीस निकला) का हाथ कलाई से विस्फोट में उड़ चुका है। उसके जख्मी हाथ से खून टपक रहा था, और मांस के लोथड़े लटके हुए थ


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