चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ: जानें क्यों पड़ी इसकी जरूरत, क्या होंगे बदलाव


नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) का पद सृजित करने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया। वह थल, जल और वायु, तीनों सेनाओं की तरफ से रक्षा मंत्री के सलाहकार होंगे। उनके सामने देश की तीनों सेनाओं में साझी सोच विकसित करने और उन्हें एकीकृत तरीके से ऑपरेशनों को अंजाम देने में सक्षम बनाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। सीडीएस भारतीय सेनाओं में स्वदेशी साजो-सामान का उपयोग बढ़ाने का भी दायित्व होगा। आइए विस्तार से जानते हैं, सीडीएस के बारे में सबकुछ...



  1. इसकी जरूरत क्यों पड़ी?
    देश की जल, थल और वायु सेनाएं अलग-अलग सोच से काम नहीं कर सकतीं। हमारी पूरी सैन्य शक्ति को एकीकृत होकर काम करना होगा। तीनों सेनाओं को एक साथ समान गति से आगे बढ़ना होगा। युद्ध और सुरक्षा वातावरण की प्रकृति बदल रही है। सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के सामने मुंह बाए खड़ी चुनौतियों से अच्छी तरह वाकिफ है और उसके प्रति पूरी तरह चौकन्ना है। सैन्य विभाग की निर्णय में सैन्य विशेषज्ञता को सरकार ने जाना और माना है। एकीकरण, सहयोग, कन्वर्जेंस और रैशनलाइजेशन पर सरकार की नजर है। सही व्यक्ति को सही काम सौंपने का लक्ष्य।

  2. कैसे आया इसका ख्याल?
    करगिल युद्ध के दौरान सामने आई खामियों से सीख लेकर तीनों सेनाओं के बीच समन्वय स्थापित करने की पहल। केवल चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद सृजित करने का लक्ष्य नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सांस्थानिक सुधारों का लक्ष्य।

  3. कैसे पूरा होगा लक्ष्य?
    उच्च रक्षा प्रबंधन में सुधार के अभिप्राय और उद्देश्य देश के सशस्त्र सैन्य बलों के प्रशिक्षण, प्रक्योरमेंट, स्टाफिंग और ऑपरेशनों को एकाकार करना। तीनों सेनाओं से मिले इनपुट्स को मिलाकर राजनीतिक नेतृत्व को सैन्य सलाह की गुणवत्ता बढ़ाना। सैन्य और सुरक्षा मामलों में विशेषज्ञता विकसित करना।

  4. क्या-क्या प्रस्तावित?
    रक्षा मंत्रालय के अंदर 'सैन्य मामलों का विभाग' के नाम से एक नया विभाग बनाना। सैन्य मामलों के कामकाज इस विभाग के अधीन होंगे जबकि देश की सुरक्षा से संबंधित बड़े मुद्दों को रक्षा विभाग डील करेगा। सशस्त्र बल सैन्य मामलों के विभाग के अंतर्गत आएंगे जिसके पास सैन्य मामलों के प्रबंधन की पर्याप्त विशेषज्ञता होगी। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स के प्रमुख होंगे। यह विभाग चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) को अपनी भूमिका/कार्यों को पूर्ण करने में सक्षम बनाएगा इस विभाग में हर स्तर पर नौकरशाह और सैन्य अधिकारी, दोनों होंगे। विभाग सैन्य साजो-सामान की खरीद, सैन्य बलों के प्रशिक्षण और नियुक्तियों में तीनों सेनाओं की जरूरतों के मद्देनजर फैसले लेगा। साथ ही, यह ऑपरेशनों में साझापन लाकर संसाधनों के समुचित इस्तेमाल के लिए मिलिट्री कमांड्स की रीस्ट्रक्चरिंग करेगा। इसके लिए जॉइंट/थिएटर कमांड्स स्थापित भी स्थापित किए जाएंगे। विभाग स्वदेशी हथियारों एवं अन्य सैन्य साजो-सामानों का इस्तेमाल को बढ़वा देगा। सीडीएस की एक दूसरी भूमिका भी होगी। वो चीफ ऑफ स्टाफ कमिटी के स्थाई अध्यक्ष होंगे। इस भूमिका में उन्हें इंटिग्रेटेड डिफेंस स्टाफ से मदद मिलेगी।

  5. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की भूमिका और दायित्व क्या होंगे?
    सीडीएस रक्षा मंत्री के लिए प्रधान सैन्य सलाहकार की भूमिक निभाएंगे। तीनों सेनाओं के प्रमुख भी अपनी-अपनी सेनाओं से संबंधित सलाह रक्षा मंत्री को पहले की तरह ही देते रहेंगे। सीडीएस के पास तीनों सैन्य प्रमुखों समेत कोई मिलिट्री कमांड नहीं होगा। सीडीएस तीनों सैनाओं के विभिन्न संगठनों का प्रशासक होगा। सीडीएस संबंधित अथॉरिटीज को तीनों सेनाओं की समेकित जानकारियां उपलब्ध कराएगा। वह डिफेंस ऐक्विजीशन काउंसिल और डिफेंस प्लानिंग काउंसिल के सदस्य होगा। पहला सीडीएस अपना कार्यभार संभालने के तीन वर्षों के अंदर तीनों सेनाओं के अंदर ऑपरेशन, लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट, ट्रेनिंग, सपॉर्ट सर्विस, कम्यूनिकेशन, रिपेयर्स, मेंटनेंस आदि में साझापन लाएगा। मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर का समुचित उपयोग सुनिश्चित करेगा और इसे रैशनलाइज करेगा। स्वदेशी औजारों की हिस्सेदारी बढ़ाएगा। इंटिग्रेटेड कपैबिलिटी डिवेलपमेंट प्लान को सुनिश्चित करने के क्रम में पंचवर्षीय डिफेंस कैपिटल ऐक्विजिशन प्लान और दो वर्षीय रोल ऑन ऐनुअल ऐक्विजिशन प्लान का लागू करेगा। अनुमानित बजट के मुताबिक सेनाओं के अंदर कैपिटल ऐक्विजीशन के प्रस्तावों की प्राथमिकता तय करना। सक्षम अथॉरिटी के विचार के लिए सैन्य मामलों पर स्ट्रैटिजी पेपर्स तैयार करेगा। सैन्य बलों की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए तीनों सेनाओं के कामकाज में सुधार लाना। सीडीएस औपनेविशक विरासत में मिले कुछ प्रक्रियाओं की पहचान कर उसे दूर करेगा। रैंक और फाइल में विश्वास और भरोसा पैदा करेगा।

  6. कौन होगा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ?
    कोई फोर स्टार जनरल सीडीएस के पद पर होगा। सीडीएस के पद से हटने के बाद उसे किसी भी सरकारी सेवा में जाने का अधिकार नहीं होगा। वह सीडीएस का पद छोड़ने के पांच साल बाद ही कोई प्राइवेट सर्विस जॉइन कर सकता है। इसके लिए उसे सरकार से पूर्वानुमति लेनी होगी।