जामिया हिंसाः साकेत कोर्ट ने 10 आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा


नई दिल्ली
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में रविवार को हुई हिंसा के मामले में दिल्ली के साकेत कोर्ट ने 10 आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक हिंसा के मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया था और इसमें से कोई भी जामिया का छात्र नहीं था। पुलिस ने यह भी कहा था कि कार्रवाई में जामिया के छात्र घायल नहीं हुए हैं।
जामिया के छात्रों की तरफ से पुलिस पर आरोप लगाए गए थे कि पुलिस ने लाइब्रेरी में घुसकर छात्रों की पिटाई की और गोलियां चलाईं। गोली चलाने के मामले में गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से कारतूस बरामद हुए हैं लेकिन पुलिस की तरफ से गोली नहीं चलाई गई। अधिकारी ने यह भी बताया कि पुलिस के पास रबर की गोलियां भी नहीं थीं।

गौरतलब है कि रविवार को जामिया के पास एक बस को प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने जामिया कैंपस में बिना अनुमति घुसकर कार्रवाई की थी। पुलिस ने बताया क प्रदर्शनकारी पत्थर चला रहे थे। पुलिस का द दावा है कि 30 जवान घायल हुए थे। मंगलवार को दिल्ली के सीलमपुर और जाफराबाद में भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई।

एलजी अनिल बैजल ने की शांति की अपील
दिल्ली की हिंसक घटनाओं के बाद उपराज्यपाल अनिल बैजल ने शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि इस तरह की हिंसक घटनाओं में कोई शामिल न हो और अराजक तत्वों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि अपना विरोध लोकतांत्रिक तरीके से से दर्ज करवाएं क्योंकि हिंसा न केवल गैरकानूनी है बल्कि अमानवीय भी है।


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