करोड़ों का नुकसान, धोखा, आर्थिक तंगी... कारोबारी ने इसलिए खत्म किया परिवार!


गाजियाबाद
वैभवखंड की कृष्णा अपरा सफायर सोसायटी में रहने वाले जींस कारोबारी गुलशन वासुदेव ने अपनी दो पत्नियों परमीना उर्फ परवीन और संजना उर्फ गुलशन के साथ मंगलवार सुबह करीब 5 बजे 8वें फ्लोर से छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली थी। कुछ गिरने की आवाज सुनकर पहुंचे गार्ड को सबसे पहले इसका पता चला। करीब सवा 5 बजे मिली सूचना के बाद पहुंची पुलिस घर के दरवाजे की कुंडी तोड़कर अंदर घुसी तो गुलशन की 18 साल की बेटी कृतिका और 14 साल के बेटे ऋतिक के शव मिले। उन दोनों की हत्या की गई थी। फ्लैट में पालतू खरगोश भी मृत मिला है।


मेसेज किया था- सबकुछ खत्म हो गया
शुरुआती जांच में सामने आया है कि बिजनस में मिल रहे धोखे से बढ़ी आर्थिक तंगी से परेशान होकर गुलशन ने यह कदम उठाया है। उनके दोस्त रमेश कुमार अरोड़ा ने बताया गुलशन ने मंगलवार सुबह करीब 3:38 बजे उनके पास वॉट्सऐप पर मेसेज कर सब कुछ खत्म होने की बात कही थी। इसके कुछ देर बाद विडियो कॉल कर बेडरूम में दोनों बच्चों की हत्या करने की बात कहते हुए वहां का मंजर और दीवार पर लिखा खुदकुशी का नोट भी दिखाया।

कुर्सियों पर चढ़कर कूदे
मूलरूप से दिल्ली की झिलमिल कॉलोनी में रहने वाले 45 साल के गुलशन वासुदेव 14 अक्टूबर को सोसायटी के फ्लैट नंबर A-806 में किराये पर रहने आए थे। इससे पहले वह इंदिरापुरम में ही एटीएस सोसायटी में रहते थे। उनका दिल्ली की गांधी नगर मार्केट में जींस बनाने का काम है। एसएसपी सुधीर कुमार ने बताया कि फ्लैट की बालकनी में 3 कुर्सियां मिली हैं। अंदाजा है कि इन्हीं पर चढ़कर तीनों ने नीचे छलांग लगाई होगी।


फांसी लगाने का था प्लान
खबरों के मुताबिक, घर में सिर्फ एक ऐसी जगह थी जहां फंदा लटकाया जा सकता था। ऐसे में तीनों के मरने की योजना सफल नहीं होती इसलिए उन्होंने आत्महत्या का तरीका ही बदल दिया। पुलिस को अपनी जांच के दौरान गुलशन के फ्लैट से पंखे से लटका एक फंदा मिला है। इसके आधार पर पुलिस ने बताया है कि तीनों फांसी लगाकर खुदकुशी करने वाले थे लेकिन फिर उन्होंने अपना इरादा बदल दिया। इसकी बड़ी वजह थी फांसी लगाने के लिए तीन जगहों का न होना।

वहीं, बेटे ऋतिक का पहले गला दबाया, फिर किचन वाले चाकू से काटा गया है। बेटी कृतिका की हत्या भी गला दबाकर की गई है। बाथरूम से सल्फास की 4 गोलियां और एक इंजेक्शन मिला है। दीवार पर लिखे नोट में गुलशन ने रिश्ते में साढ़ू लगने वाले राकेश वर्मा को खुदकुशी के लिए जिम्मेदार ठहराया है। बताया जाता है कि वह साहिबाबाद के ही शालीमार गार्डन का रहने वाला है। पुलिस उसका पता लगा रही है।


पुलिस के मुताबिक, गुलशन को 4 साल पहले साढ़ू राकेश वर्मा से कारोबार में 2 करोड़ का धोखा मिला था। कर्ज की भरपाई के लिए उन्होंने झिलमिल का फ्लैट बेचा और बचे रुपयों से गांधीनगर में जीन्स मैन्युफैक्चरिंग का कारोबार शुरू किया। इस दौरान उन्होंने कोलकाता की सिटी लाइफ कंपनी में 80 लाख लगाए। लेकिन सोमवार रात 11 बजे ही उन्हें दोस्त से इस कंपनी के फ्रॉड कर भागने की जानकारी मिली। राकेश पर गुलशन ने केस किया था। राकेश और मां गिरफ्तार भी हुए, लेकिन अब राकेश कहां हैं, पता नहीं। 


कोलकाता की फर्म ने डुबोए रुपये
गुलशन बिजनस में लगातार धोखा खा रहे थे। साढ़ू राकेश वर्मा की वजह से हुए नुकसान के बाद उन्होंने कर्ज की भरपाई करने के लिए दिल्ली वाला फ्लैट बेच दिया था। कर्ज चुकाने के बाद बचे रुपयों से जींस बनाने की यूनिट लगाई। कुछ समय पहले उन्होंने कोलकाता की सिटी लाइफ नाम की कंपनी को करीब 80 लाख रुपये का माल सप्लाई किया था। पेमेंट और ऑर्डर के संबंध में उन्हें 2 दिसंबर की रात को ही कोलकाता जाना था। रात करीब 11 बजे कोलकाता में रहने वाले उनके एक दोस्त ने सिटी लाइफ कंपनी के धोखाधड़ी कर भागने की जानकारी दी। उसने इसकी विडियो क्लिप भी भेजी। इस खबर ने उन्हें तोड़ दिया।


साथ रहती थीं दोनों पत्नियां?
इंदिरापुरम एसएचओ महेंद्र कुमार ने बताया कि संजना उर्फ गुलशन के भाई फिरोज के मुताबिक, उसकी बहन और गुलशन वासुदेवा ने करीब डेढ़ साल पहले कोर्ट में शादी कर ली थी। संजना गुलशन वासुदेव का सारा कारोबार भी देख रही थीं। दिल्ली के रामपुरा में रहने वाले उसके परिवार को भी इस बात की जानकारी थी। उनका परिवार ईद और दिवाली पर इनके यहां आया भी था। उनकी बहन की गुलशन की पहली पत्नी से किसी तरह का विवाद नहीं था।

शाम को बेटी के सोशल मीडिया अकाउंट बंद हुए
गुलशन की बेटी कृतिका इंदिरापुरम में फैशन डिजाइनिंग का कोर्स कर रही थी। उसके दोस्तों ने बताया कि कृतिका का फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट सोमवार शाम को ही डिऐक्टिवेट हो गया था। उसका और उसकी मां का मोबाइल नंबर भी बंद था। सुबह कॉल करने पर पुलिस ने फोन उठाया और घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कृतिका काफी हंसमुख थी और अक्सर सभी को मोटिवेट करती थी। वहीं, कृतिका का भाई ऋतिक दिल्ली के श्रेष्ठ विहार स्थित डीएवी स्कूल में 9वीं का छात्र था।

एक दिन पहले सोसायटी के गार्डों को बांटे थे कंबल
सोमवार दोपहर करीब 3 बजे सोसायटी के सभी गार्डों को गुलशन वासुदेव और पत्नी परवीन ने जैकेट और कंबल बांटे थे। उस समय किसी को महसूस नहीं हुआ कि यह परिवार आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा होगा। मंगलवार सुबह हुई इस घटना ने सभी के होश उड़ा दिए। यहां तक कि बगल वाले फ्लैट में रहने वालों ने भी रात में किसी तरह की आहट नहीं सुनी। सोसायटी में काम करने वाली गीता ने बताया कि उनकी भतीजी कुंती गुलशन के यहां काम करती थी लेकिन 30 नवंबर के बाद उन्होंने उसे काम से हटा दिया था।


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