क्रिप्टोकरंसी बिटकॉइन के क्लोन वनकॉइन ने लाखों लोगों को ठगा


साल 2017 में ऐम्सटर्डम के आइगॉर अल्बर्ट्स दुनिया के सबसे अमीर शख्स बनने का सपना देख रहे थे। उनका सपना था कि वह दौलत के मामले में बिल गेट्स को पीछे छोड़ दें। कई मल्टिलेवल मार्केटिंग स्कीम्स में 30 वर्षों से पैसा लगा रहे थे और उन्होंने मोटा पैसा कमा लिया था। इसी बीच साल 2015 में 'गोल्डमाइन' के बारे में पता चला। उन्हें एक ऐसा प्रॉडक्ट के बारे में पता लगा, जिसके बारे में उन्होंने सभी पार्टनर्स को बताया और कहा कि वे सारी चीजें बेचना छोड़कर फुलटाइम इसी पर काम करें।

उनकी गोल्डमाइन एक क्रिप्टोकरंसी थी, जो बिटकॉइन का क्लोन थी और नाम वनकॉइन था। इसे बुल्गारिया के एक स्टार्टअप ने लॉन्च किया था। शुरुआत में आइगॉर वनकॉइन बेचकर हर महीने 10 लाख यूरो कमा लेते थे। साल 2017 में उन्हें हर महीने वनकॉइन से 20 लाख यूरो की कमाई होने लगी। वनकॉइन से अच्छी कमाई होते देख वह खुद निवेशक बन गए और सोचने लगे कि एक दिन ऐसा आएगा जब उनके पास 100 मिलियन वनकॉइन होंगे और एक वनकॉइन की कीमत 100 यरो तक होगी।


बॉलगाउन और हीरे के ईयररिंग्स
रुजा इग्नातोवा ने ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और जर्मनी की एक यूनिवर्सिटी से पीएचडी की। उन्होंने बताया कि पीएचडी के बाद उन्होंने मैकिन्से ऐंड कंपनी के साथ काम किया और 34 साल की उम्र में 2014 में उन्होंने वनकॉइन की शुरुआत की। वह खुद को 'क्रिप्टोक्वीन' की तरह स्टाइल करती थीं। जब भी वह बॉलगाउन और डायमंड ईयररिंग्स पहनकर, होठों पर रेड लिपस्टिक लगाकार स्टेज पर पहुंचती थीं तो उनके पार्टनर और इन्वेस्टर्स मुग्ध हो जाते थे। दुबई में एक वनकॉइन इवेंट में आईगॉर भी पहुंचे थे। लंदन में जून 2016 में रुजा ने घोषणा की थी, 'दो साल बाद कोई बिटकॉइन के बारे में बात नहीं करेगा।'

दुनियाभर में क्रिप्टोकरंसी, खासतौर पर वनकॉइन के पीछे लोग दीवाने होने लगे, छोटे निवेश यह सोचकर इसमें पैसा लगाने लगे कि कम कीमत पर पैसा लगाना तब उन्हें मालामाल कर देगा, जब कीमतें आसमान छू रही होंगी और कुछ ही सालों में वे अमीर बन जाएंगे। यहां तक कि युगांडा के किसानों ने भी लोन लेकर और पशुधन बेचकर मिले पैसों से वनकॉइन खरीदे। इसके इन्वेस्टमेंट पैकेज की शुरुआती कीमत 140 यूरो से शुरू होती होकर 118000 यूरो तक पहुंच गई। अगस्त 2014 से मार्च 2017 के बीच वनकॉइन में कुल 4 से 15 अरब यूरो की निवेश किया गया।

पॉन्जी स्कीम
निवेशक नहीं जानते थे कि रुजा उन्हें धोखा दे रही हैं। वनकॉइन कोई क्रिप्टोकरंसी नहीं थी। असल क्रिप्टोकरंसी के लेनदेन के ब्लॉकचेन रिकॉर्ड होते हैं, जिनसे छेड़छाड़ नहीं की जा सकती, ताकि कोई फ्रॉड न हो सके। बिटकॉइन इसका उदाहरण है। बिटकॉइन खरीदने वाले हर शख्स के पास बिटकॉइन ब्लॉकचेन की कॉपी होती है, जिसमें वह कोई बदलाव नहीं कर सकता, लेकिन वनकॉइन का कोई ब्लॉकचेन नहीं था।

ग्लासगो की जेन मैकऐडम ने 10,000 यूरो के वनकॉइन खरीदे। 10 महीनों में इसकी वैल्यू 10 गुना हो गई। जेन ने उस दिन को सेलिब्रेट करने के लिए शॉपिंग और ट्रैवल प्लान बनाने भी शुरू कर दिए , जब वनकॉइन अपना एक्सचेंज लॉन्च करेगा और क्रिप्रोटकरंसी को कैश में बदला जा सकेगा, लेकिन लॉन्च आगे बढ़ता जा रहा था। वनकॉइन के निवेशकों को अक्टूबर 2017 में लिस्बन में एक मीटिंग में इसपर अंतिम फैसला लिए जाने का भरोसा दिया गया था।

इसी दिन से रुजा गायब हैं, वह मीटिंग में नहीं पहुंचीं। 25 अक्टूबर के बाद FBI की खोज भी ठंडी पड़ गई, जब एक सस्ती फ्लाइट लेकर वह सोफिया से ऐथेन्स के लिए रवाना हो गईं। इसके बाद जेन जैसे निवेशकों को अहसास हुा कि वनकॉइन में उनका निवेश जंक था। निवेश की वैल्यू को लेकर उन्होंने जो सपने देखे थे वे महज कंप्यूटर पर टाइप किए गए नंबर थे। हालांकि कुछ निवेशक अब भी मानने को तैयार नहीं कि उनके साथ कोई धोखा हुआ है। वे मान रहे हैं कि कुछ देर और रुकने पर उन्हें फायदा होगा।

हैरानी की बात है कि वनकॉइन स्कैम जारी है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, '24 नवंबर वाले सप्ताह में वनकॉइन का ऑफिस खुला हुआ था और लोग करंसी को प्रमोट कर रहे थे।' जहां तक रुजा की बात है, वह कहां हैं, हैं भी या नहीं, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। कुछ लोगों के मुताबिक, उन्हें इस साल की शुरुआत में ऐथेन्स के एक महंगे रेस्ट्रॉन्ट में देखा गया था। ऐसा भी कहा जारहा है कि उन्होंने प्लास्टिक सर्जरी करवा ली है और फ्रैंकफर्ट में छिपी हुई हैं, जहां उनकी बेटी रहती है।


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