नकली मिल्क केक बनाकर राजस्थान व अन्य राज्यों में कर रहे थे सप्लाई, दो मिलावटखोर गिरफ्तार


जयपुर. प्रदेश के अलवर जिले में नकली मिल्क केक बनाकर राजस्थान व अन्य बाहरी राज्यों में सप्लाई करने वाले मिलावटखोर गैंग का पर्दाफाश हुआ है। मामले में पुलिस ने दो फैक्ट्रियों पर छापा मारते हुए दो मिलावटखोरों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, करीब 1600 किलो नकली मिल्क केक को नष्ट करवाया गया। साथ ही, काफी मात्रा में मिलावटी खाद्य सामग्री बनाने का सामान व अन्य कच्ची सामग्री जब्त की है। जिससे करीब 50 हजार किलो नकली मिल्क केक बनाया जा सकता है।



यह कार्रवाई आईजी रेंज प्रथम और जयपुर ग्रामीण पुलिस की स्पेशल टीम ने संयुक्त रूप से भिवाड़ी जिले के किशनगढ़बास थाना इलाके में भूर पहाड़ी व ओदरा कस्बे में की। इस कार्रवाई में पुलिस के साथ खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की चार अफसरों की टीम भी शामिल रही। पुलिस टीम की कमान आरपीएस रजत विश्नोई व इंस्पेक्टर परवेज आलम को सौंपी गई। आईजी के मुताबिक पिछले लंबे अरसे से अलवर व भिवाड़ी में नकली मिल्क केक बनाकर बाहरी राज्यों में सप्लाई करने की शिकायतें मिल रही थी। इस पर पुलिस ने छापेमारी की।



आईजी रेंज एस. सेंगाथिर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी आसू खां (18) पुत्र रम्मू मेव और आसू खां (50) पुत्र चांद खां मेव है। इनमें एक आरोपी को भूर पहाड़ी किशनगढ़बास के कारखाने में दबिश देकर 310 किलो नकली मिल्क केक और बनाने की सामग्री व उपकरण के साथ पकड़ा। वहीं, दूसरे आरोपी आसू खां को ओदरा गांव में चल रहे कारखाने से पकड़कर 1260 किलो नकली मिल्क केक बरामद किया। इनमें आसू खां के कारखाने से एफएसएसआई द्वारा प्रमाणित प्रमाण पत्र की फोटो कॉपी मिली है। जिसकी जांच की जा रही है।


आईजी सेंगाथिर ने बताया कि ये लोग अपनी गैंग के साथियों के साथ नकली मिल्क केक तैयार कर राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, मुंबई, बैंगलोर, गोवा, उत्तरप्रदेश व बिहार में सप्लाई करते है। इसके अलावा पुलिस टीम ने कटोरी वाला तिवारा पुलिस थाना सदर क्षेत्र, अलवर में स्थित आजाद मेव के कारखाने व किशनगढ़बास में इदरीस मेव के कारखाने से सैंपल लिए गए है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।


आईजी सेंगाथिर ने बताया ये लोग अपनी फैक्ट्रियों में स्किम्ड मिल्क पाउडर, पाम ऑयल, लिक्वीड, ग्लूकोज, सूजी व हाईड्रा का प्रयोग कर नकली मावा तैयार किया जा रहा है। गर्म पानी के अंदर स्किम्ड मिल्क पाउडर मिलाया जाकर सिंथेटिक दूध तैयार किया जाता है। जिसे भट्‌टी पर गर्म कर उसमें सूजी मिलाकर गाढ़ा किया जाता है। इस घोल के अंदर फैट या चिकनाहट उत्पन्न करने के लिए पाम ऑयल मिलाया जाता है।


जिसे मीठा करने के लिए गर्म घोल के अंदर लिक्विड ग्लूकोज मिलाया जाता है तथा नींबू का रस देकर घोल को दानेदार बनाया जाता है। इस गर्म घोल को डिब्बों में भरकर पैकिंग की जाती है। इस तरह नकली मिल्क केक में फफूंदी आ जाती है। जो कि जीवन के लिए खतरनाक होता है। इस मिल्क केक में शुद्ध दूध का उपयोग बिल्कुल नहीं होता है। यह खाने योग्य नहीं होता है। इस संबंध में किशनगढ़बास थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। जिसकी जांच वृत्ताधिकारी किशनगढ़बास को सौंपी गई है।


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