संसद में गूंजा हैदराबाद गैंगरेप और मर्डर केस, एसपी सांसद जया बच्चन ने की आरोपियों को भीड़ के हवाले करने की मांग


नई दिल्ली
हैदराबाद में महिला डॉक्टर को रेप के बाद मारकर जला डालने की हत्या का मामला आज संसद में भी गूंजा। इस मामले पर राज्यसभा में दो सांसदों ने बेहद कड़ी टिप्पणी की और एसपी सांसद जया बच्चन ने तो दोषियों को भीड़ के हवाले कर देने तक का सुझाव दे डाला। जया ने संसद के ऊपरी सदन में चर्चा के दौरान कहा कि रेप के आरोपियों को बाहर लाना चाहिए और उन्हें भीड़ के हवाले कर देना चाहिए। वहीं, एआईएडीएमके की सांसद विजिला सत्यानंद ने दोषियों को 31 दिसंबर तक फांसी दे दिए जाने की मांग की। 27 नवंबर को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में रात 9.35 से 10 बजे के बीच 27 वर्षीय महिला डॉक्टर का चार लोगों ने गैंगरेप किया और उसकी हत्या कर दी।


सरकार सबके सुझाव पर कठोरतम कानून बनाने को तैयार: राजनाथ सिंह
उधर, लोकसभा में सदन के उपनेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हैदराबाद की घटना को बेहद अमानवीय करार देते हुए कहा कि सभी दल के सदस्य सहमति से जितना कठोर बनाना चाहते हैं, सरकार तैयार है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से कहा कि अगर इस मामले पर सदन में चर्चा की जरूरत महसूस हो रही हो तो सरकार भी चर्चा के साथ-साथ हर वह कदम उठाने के तैयार है जिस पर सहमति बनती है।

उन्होंने कहा, 'हैदराबाद की जो घटना घटी है, मैं मानता हूं कि इससे बड़ा दूसरा कोई अमानवीय कृत्य नहीं हो सकता है। सदन में सभी दलों के सदस्यों ने इस घटना के आरोपियों को कठोर से कठोर सजा दिए जाने की मांग की। निर्भया कांड के बाद कठोर कानून बना था। सदन में चर्चा कराना चाहते हैं तो चर्चा कराइए। सदन का सुझाव आने दीजिए। सरकार इस मामले में जो कुछ भी करना होगा, करने को तैयार है। हम सबकी सहमति से कठोरतम कानून बनाने को तैयार हैं।'


जब जया के 'लिंच्ड' शब्द पर चौंके सभापति
इससे पहले कुछ राज्यसभा सांसदों ने हैदराबाद की नृशंस घटना पर चर्चा के लिए नोटिस दिया। चर्चा के दौरान एसपी सांसद जया बच्चन अपनी भावना पर काबू नहीं रख सकीं और बेहद कड़ी टिप्पणी कर दीं। उन्होंने सभापति वेंकैया नायडू से मुखातिब होते हुए कहा, जया के इस सुझाव पर सभापति असहज भी हो गए और उन्होंने 'लिंच्ड' शब्द पर हैरानी जताई।


बहुत चर्चा हुई, इस बार सरकार से सवाल पूछा जाए: जया बच्चन
इससे पहले एसपी सांसद ने यह कहते हुए अपने वक्तव्य की शुरुआत की कि पता नहीं इस तरह के अत्याचार पर सदन कितनी बार चर्चा कर चुका है। उन्होंने कहा, 'पता नहीं कि हम कितनी बार इस पर चर्चा करते हैं। हैदराबाद हुआ, निर्भया हुआ, कठुआ हुआ। मुझे लगता है कि इस पर सरकार से इस पर सवाल पूछा जाना चाहिए और उन्हें इस पर सटीक जवाब देना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'इस बार सरकार से पूछा जाना चाहिए कि क्या हुआ, उन्होंने इससे कैसे टैकल किया और इसमें इन लोगों को अब तक कितना न्याय मिला है? '


जिम्मेदार लोगों को देश के सामने शर्मिंदा करें: जया बच्चन
जया ने हैदराबाद की घटना में वहां सुरक्षा-व्यवस्था में लगे लोगों की कोताही का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि यह जो घटना हैदराबाद में हुई, उससे पहले दिन भी उसी जगह एक हादसा हुआ। क्या वहां के जो सिक्यॉरिटी इनचार्ज हैं, क्या आपको नहीं लगता है कि उनसे सवाल करना चाहिए कि वह इलाके को सुरक्षित क्यों नहीं कर सके? इन लोगों को पूरे देश के सामने शर्मिंदा करना चाहिए, ये लोग अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाते हैं।'


31 दिसंबर तक चारों दोषियों को मिले फांसी: AIADMK सांसद
उधर, एआईएडीएमके की विजिला सत्यानंद चर्चा के दौरान भावुक हो गईं और उन्होंने कहा कि बेटियों के लिए भारत सुरक्षित नहीं रहा। उन्होंने भी अपराधियों के खिलाफ कठोर सजा की मांग की। उन्होंने रुंधे गले से कहा, 'मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाकर 31दिसंबर से पहले चारों दोषियों को फांसी दे देनी चाहिए।' वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) सांसद संजय सिंह ने कहा कि देश में सख्त कानूनों पर अमल नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा, 'निर्भया की मां इंसाफ के लिए आज भी तरस रही है। मैं हाथ जोड़कर इस सरकार से अनुरोध करता हूं कि इस मामले में सख्त कदम उठाए।'