टैक्स बचाने के लिए नए ठिकाने ढूंढ रहे भारतीय अरबपति


मुंबई
लोन डिफॉल्ट के कारण सरकारी एजेंसियों के दबाव से बचने और अपनी संपत्तियों को नीलामी के पचड़े से बचाने के लिए कई भारतीय अरबपति माल्टा, दुबई तथा सिंगापुर जैसे देशों में ट्रस्ट बनाकर उसमें अपने पैसे ट्रांसफर कर रहे हैं। रियल एस्टेट से लेकर इन्फ्रास्ट्रक्चर बिजनस में दखल रखने वाली दिल्ली की एक बिजनस फैमिली ने कभी उत्तराधिकार योजना पर विचार नहीं किया था, पर हाल ही में इसने यूरोप के माल्टा में फैमिली ट्रस्ट बनाया है। इस ट्रस्ट के 20 लाभार्थी हैं, जबकि इनमें से कुछ ही भारत से बाहर रहते हैं। इस परिवार की अनुमानित नेटवर्थ 1,500 करोड़ रुपये है और वह धीरे-धीरे अपनी सारी संपत्ति इस फैमिली ट्रस्ट में ट्रांसफर करने की तैयारी कर रही है। इस मामले से वाकिफ सूत्रों ने यह जानकारी दी है।


विदेश में रजिस्टर करवा रहे फैमिली ट्रस्ट
इन लोगों को डर है कि आने वाले महीनों में 'सिस्टम में दबाव की वजह से' उनकी एक कंपनी लोन पर डिफॉल्ट कर सकती है और इस वजह से सरकारी एजेंसियां उन्हें परेशान कर सकती हैं। इस मामले की खबर रखने वाले एक सूत्र ने बताया, 'यह परिवार अपनी कुछ संपत्ति को दिवालिया होने या देश में टैक्स के पचड़े से बचाना चाहता है।' देश के अमीर इन दिनों माल्टा, दुबई और सिंगापुर जैसे टैक्स-फ्रेंडली देशों में फैमिली ट्रस्ट रजिस्टर करवा रहे हैं, ताकि वे भारतीय टैक्स अधिकारियों या अन्य सरकारी एजेंसियों से बच सकें। इन ट्रस्टों में भारत में रखे गए शेयर और यहां से पैसे भेजे जा रहे हैं।

स्विस खुलासे के बाद बदला अड्डा
लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री में मौजूदगी रखने वाले मुंबई के एक परिवार की समस्या सिर्फ भविष्य में फैमिली ट्रस्ट को मुकदमेबाजी से बचाने तक ही सीमित नहीं है। साउथ मुंबई में रहने वाला परिवार कभी देश के सर्वाधिक अमीर परिवारों में शामिल था। उसने सिंगापुर और माल्टा में अलग-अलग लाभार्थियों के साथ दो फैमिली ट्रस्ट बनाए हैं।


इस मामले से वाकिफ एक सूत्र ने बताया, 'एक ट्रस्ट में जहां उनके लिस्टेड कंपनी के शेयर सहित सारी संपत्तियां रखी गई हैं, वहीं दूसरे में रियल एस्टेट सहित कुछ अलग संपत्ति। स्विट्जरलैंड से भारत सरकार को वहां रखे धन के बारे में सूचनाएं मिलना शुरू होने के बाद कुछ पैसे और संपत्ति को नई लोकेशन पर ट्रांसफर करना जरूरी हो गया था।'

लोन डिफॉल्ट की सूरत में बचना है मकसद
इस बारे में देश में फैमिली ट्रस्ट को मैनेज करने वाले कंपनी टेरेंशिया कंसल्टेंट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप नेरूलकर ने बताया, 'कुछ अमीर लोग देश से बाहर फैमिली ट्रस्ट बना रहे हैं। वे लोन डिफॉल्ट की सूरत में कुछ बचाव या संपत्ति के संरक्षण के लिए ऐसा कर रहे हैं।

टैक्स बचाने के लिए इन टैक्स-फ्रेंडली देशों में ट्रस्ट बनाना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन सूचनाओं के आदान-प्रदान और अन्य कानूनों को देखते हुए इसका लाभ तभी होगा, जब ये ट्रस्ट प्रवासी लोग बनाएं।' इससे पहले कई बिजनस परिवारों में एक सदस्य को विदेशी नागरिकता दिलाने का ट्रेंड दिखा था, ताकि दिवालिया कानून की प्रक्रिया और टैक्स अफसरों की गिरफ्त में आने से बचा जा सके।


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