गुड़िया गैंगरेप केस में कोर्ट ने मनोज शाह और प्रदीप कुमार को दोषी करार दिया, 30 जनवरी को होगा सजा पर फैसला


नई दिल्ली
दिल्ली के बहुचर्चित गुड़िया गैंगरेप केस में पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी प्रदीप कुमार और मनोज शाह को दोषी करार दिया है। अदालत ने सजा की अवधि पर जिरह की तारीख 30 जनवरी तय की। 2013 में दिल्ली के गांधीनगर इलाके में महज 5 साल की बच्ची को अगवा कर गैंगरेप की जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया था। दोषियों ने उस मासूम बच्ची के साथ भी निर्भया की तरह बर्बरता की थी।

अडिशनल सेशन जज नरेश कुमार मल्होत्रा ने मनोज शाह और प्रदीप कुमार को दोषी करार देते हुए कहा कि बच्ची के साथ असाधारण जुल्म और भयानक बर्बरता हुई। कोर्ट ने यह भी कहा कि हमारे समाज में बच्चियों को देवी की तरह पूजा जाता है। इस मामले ने समाज की सामूहिक चेतना को हिलाकर रख दिया।

घटना को अंजाम देने के बाद मनोज शाह और प्रदीप लापता हो गए थे, जिन्हें बिहार के मुजफ्फरपुर और दरभंगा से दिल्ली पुलिस ने दबोचा था। उन्होंने गैंगरेप के बाद बच्ची के साथ बर्बरता की और उसे शाह के कमरे में मरा हुआ समझकर छोड़ भागे थे। बच्ची को 40 घंटे बाद 17 अप्रैल 2013 को बचाया गया था। दिसंबर, 2012 में निर्भया गैंगरेप की जघन्य वारदात के महज 4 महीनों के बाद ही दिल्ली में हुई इस घटना को लेकर लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिला था।

आरोपी ने की थी मामले को लटकाने की कोशिश

दोषी मनोज शाह और प्रदीप दोनों गुड़िया के पड़ोस में ही रहते थे। इस मामले की सुनवाई में 6 साल से ज्यादा का वक्त इसलिए लगा क्योंकि आरोपियों में से एक प्रदीप ने खुद को नाबालिग बताते हुए केस को लटकाने की कोशिश की थी। हालांकि घटना के वक्त वह बालिग ही पाया गया था।

शरीर के अंदर से मिली थी शीशी और मोमबत्ती
इस घटना की वीभत्सता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि डॉक्टरों ने पीड़ित बच्ची के शरीर के अंदर से तेल की शीशी और मोमबत्ती निकाली थी। कई दिनों तक मासूम गुड़िया की हालत अस्पताल में नाजुक बनी हुई थी। बेहद मुश्किल से बच्ची की जान बचाई जा सकी थी।

पिता ने कहा, न्याय मिलने का संतोष
पीड़िता के पिता ने आखिरकार न्याय मिलने पर संतोष जाहिर किया है। उन्होंने कहा, 'ट्रायल को 2 साल में ही पूरा हो जाना चाहिए था। फिर भी हम खुश हैं कि छह साल बाद ही सही हमें न्याय मिला।' उसी साल 24 मई को चार्जशीट फाइल की गई थी और 11 जुलाई को कोर्ट ने आरोप तय किए थे। अभियोग पक्ष के 57 गवाहों के बयान रिकॉर्ड करने में 5 साल से अधिक का वक्त लगा।

केजरीवाल ने कहा, 6 महीनों में हो सजा
सीएम अरविंद केजरीवाल ने न्याय में देरी को लेकर कहा है कि रेप के मामलों में 6 महीने के भीतर सजा की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने ट्वीट किया, 'गुड़िया रेप केस में दोनों आरोपियों को दोषी पाया गया। 7 साल लग गए। हमें मिल कर इस व्यवस्था को जल्द से जल्द ठीक करना होगा। अगर हम चाहते हैं कि हमारी बहन बेटियों के साथ हैवानियत करने वाली मानसिकता खत्म हो, तो रेप केसेज में 6 महीनों के अंदर सजा हो ऐसी व्यवस्था बनानी होगी।'


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