पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव-2020 राज्य में स्वतंत्र-निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान की सभी तैयारियां पूर्ण, पहले चरण के लिए मतदान आज
 


जयपुर । राज्य के 87 पंचायत समिति की 2726 ग्राम पंचायतों के 26800 वाडोर्ं में शुक्रवार को प्रातः 8 से सायं 5 बजे तक मतदान कराया जाएगा। स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। सरपंच पदों के लिए शुक्रवार को ही मतगणना करवाई जाएगी। उप सरपंच के लिए चुनाव 18 जनवरी को करवाया जाएगा। 

 

राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त  पीएस मेहरा ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे देश की लोकतांत्रिाक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए निर्भय होकर बिना किसी डर व दबाव के मतदान करें। उन्होंने मतदाताओं से मतदान समाप्ति के अंतिम क्षण का इंतजार ना करते हुए भी मतदान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मतदाता मतदान और मतगणना के दौरान शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाहों के प्रभाव में ना आएं। 

 

93 लाख से अधिक मतदाता कर सकेंगे मतदान

 

चुनाव आयुक्त ने बताया कि 87 पंचायत समिति क्षेत्र में कुल 93 लाख 20 हजार 684 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे, जिनमें से 48 लाख 49 हजार 232 पुरुष और 44 लाख 71 हजार 405 महिलाएं व 47 अन्य मतदाता शामिल हैं।  

 

सरपंच के लिए 17 हजार 242 तो पंच के लिए 42 हजार से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में 

 

मेहरा ने बताया कि प्रथम चरण में 2726 ग्राम पंचायतों में सरपंच पदों के लिए 28 हजार 797 उम्मीदवारों ने 28 हजार 865 नामांकन पत्रा दाखिल किए। इनमें से 28 हजार 192 नामांकन वैद्य पाए गए। नाम वापसी की तिथि तक इनमें से 10 हजार 914 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए। प्रदेश के 31 जिलों में 36 सरपंच निर्विरोध चुन लिए गए हैं। इस तरह प्रथम चरण में सरपंच पद के लिए कुल 17 हजार 242 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाएंगे। 

 

इसी तरह पंच पद के लिए प्रदेश के 31 जिलों की 2726 ग्राम पंचायतों के 26 हजार 800 वाडोर्ं में 70 हजार 732 उम्मीदवारों ने 70 हजार 936 नामांकन पत्रा दाखिल किए। संवीक्षा के बाद 68 हजार 808 उम्मीदवारों के नामांकन वैद्य पाए गए। इन उम्मीदवारों में से 15 हजार 70 उम्मीदवारों ने नाम वापसी के दिन अपने नाम वापस ले लिए। प्रदेश भर में 11 हजार 35 पंच निर्विरोध चुन लिए गए हैं। वर्तमान में 42 हजार 704 उम्मीदवार पंच पद के लिए मैदान में रहेंगे। 

 

11 हजार से ज्यादा ईवीएम मशीनों से होंगे चुनाव 

 

प्रथम चरण के चुनाव में 11 हजार से ज्यादा ईवीएम मशीनों के द्वारा चुनाव करवाए जाएंगे। सभी संस्थाओं के चुनाव में लगभग 30 प्रतिशत मशीनें रिजर्व में रखी गई हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान मशीनों में किसी भी तरह की परेशानी आने पर प्रत्येक जिले में भारत इलेक्ट्रोनिक्स लिमिटेड और इलेक्ट्रोनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के इंजीनियर्स हर समय उपलब्ध रहेंगे। आयुक्त कार्यालय में भी इंजीनियर तकनीकी मदद के लिए सजग रहेंगे। मशीनों की देखरेख के लिए इंजीनियर्स 10 जनवरी से ही जिलों में पहुंच गए हैं। 

 

चुनाव नियन्त्रण कक्ष से रहेंगे आमजन कनेक्ट 

 

चुनाव आयुक्त ने बताया कि चुनाव कार्य से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान एवं आमजन द्वारा चुनाव संबंधी किसी भी गतिविधि के बारे में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही करने के लिए आयोग द्वारा मुख्यालय एवं जिला स्तर पर चुनाव नियन्त्रण कक्ष स्थापित किए थे, जो कि लगातार पारियों के अनुसार रात-दिन कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी जानकारी के लिए आमजन जयपुर मुख्यालय पर स्थित नियंत्रण कक्ष में 0141-2385855, 2385064, 2385063 पर कॉल कर सकते हैं।

 

पर्यवेक्षकों की पैनी नजर में होंगे चुनाव

 

आयुक्त ने बताया कि सभी पंचायतों में स्वतंत्र-निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए 31 भारतीय प्रशासनिक और राजस्थान प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों को लगाया गया है। पर्यवेक्षक चुनाव के दौरान चुनावी प्रक्रिया और व्यवस्थाओं पर पैनी नजर रखेंगे और उसकी सूचना भी आयोग को निरंतर उपलब्ध कराते रहेंगे।

 

दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधा

मेहरा ने बताया कि दिव्यांग मतदाताओं की मदद के लिए आयोग ने विशेष व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि मतदान केन्द्रों पर दिव्यांगजनों की मदद के लिए स्थानीय स्तर पर स्काउट गाइड, एनएसएस और एनसीसी के वोलेंटियर लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास रहेगा कि हर दिव्यांग मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।

 

वैकल्पिक दस्तावेजों से भी हो सकेगा मतदान 

 

आयुक्त ने कहा कि मतदान के लिए प्रत्येक मतदाता भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्वाचक फोटो पहचान पत्र अपने साथ जरूर लाएं। इनके अभाव में 12 अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक को दिखाकर भी मतदाता अपना वोट डाल सकते हैं। ये दस्तावेज निम्न हैं- आधारकार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेन्स, आयकर पहचान पत्र (पीएएन), मनरेगा जॉब कार्ड, सांसदों, विधानसभा सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र, राज्य या केन्द्र सरकार राज्य पब्लिक लिमिटेड कंपनी, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, श्रम मंत्रालय द्वारा जारी फोटोयुक्त स्वास्थ्य बीमा योजना स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज जैसे कि भूतपूर्व सैनिक पेंशन बुक,  पेंशन अदायगी आदेश, भूतपूर्व सैनिक विधवा या आश्रित प्रमाण पत्र, वृद्धावस्था पेंशन आदेश या विधवा पेंशन आदेश (निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने की तिथि से पूर्व जारी), सक्षम अधिकारी द्वारा जारी फोटोयुक्त छात्र प्रमाण पत्र (निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने की तिथि से पूर्व जारी), सक्षम अधिकारी द्वारा जारी फोटोयुक्त शारीरिक विकलांगता प्रमाण पत्र (निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने की तिथि से पूर्व जारी), सार्वजनिक क्षेत्रा के बैंक, सहकारी बैंक या डाकघरों द्वारा जारी की गई फोटोयुक्त पासबुक (निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने की तिथि से पूर्व जारी)। 

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