फराह ने कहा जो- जीता वही सिंकदर मूवी इतेफाक से मिली और जर्नी आगे बढ़ी


जयपुर. बॉलीवुड कोरियोग्राफर फराह खान शनिवार को जयपुर पहुंचीं। यहां वे एक लॉन्चिंग इवेंट में हिस्सा लेने आईं हैं। इस दौरान उन्होंने बचपन से लेकर बॉलीवुड में आने तक के सफर को बयां किया। फराह ने बताया कि हमारे घर न टीवी था, न वीसीआर, फोन और अन्य सुविधा। पड़ोसी के घर वीसीआर और टीवी था, जिसमें कैसेट लगाकर माइकल जैक्सन की वीडियो देखा करती और डांस सीखती थी। उन्हें ही गुरू मानकर डांस सीख लिया। अपने घर कम और पड़ोसी के घर ज्यादा रहती थी, ताकि कैसेट से डांस सीख सकूं। इसके बाद जो जीता वही सिंकदर मूवी इतेफाक से मिली और जर्नी आगे बढ़ी। कोई याद दिलाता है तो पता चलता है कि कितना स्ट्रगल किया है। मुझे लगता है अभी बहुत कुछ बाकी है।


ट्रेनिंग के लिए न पैसे थे और न ही गुरू


फराह ने कहा- मेरे पास ट्रेनिंग लेने के लिए पैसे नहीं थे। माइकल जैक्सन को गुरू मानती थी। उनसे ही सीखा है। जो जीता वही सिंकदर में असिस्टेंट थी। उटी में एक दिन कोरियोग्राफर शूटिंग पर नहीं पहुंच पाई। मैं वहां थी और डांस सीखाती थी और मुझे बोला गया कि कोरियोग्राफी करो। वहीं से मूवी मिल गई। 


शाहरुख और मेरी जर्नी साथ शुरू हुई
फराह कहती हैं कि बात की जाए डांस सीखाने की तो शाहरुख खान के साथ सबसे ज्यादा मजा आता है। हम दोनों की जर्नी भी साथ ही शुरू हुई थी तो अच्छी अंडर स्टैंडिंग है। हालांकि अब दोनों ही ऐसी उम्र में आ गए कि ऐसा-वैसा डांस उनको नहीं करा सकते। 


आज की जेनेरेशन को चिल्लाकर सिखाना पड़ता है
फराह ने कहा- आज की जनरेशन में फिल्मीपन कम है। उन्हें चिल्लाकर सिखाना पड़ता है। अब स्ट्रेस नहीं लेती हूं। पहले बहुत टेंशन लेती थी। थोड़ा ठहराव आ गया है। मैं हूं ना मूवी से पहले बहुत टेंशन में थी। अब यह सब नहीं है, क्योंकि समझ गई हूं कि जब जो होना है तब होगा।


सोशल मीडिया पर सिर्फ करती हूं पोस्ट


मैं ट्रोलर्स की पोस्ट तक नहीं देखती हूं। सोशल मीडिया पर जो डालना है, वह अपलोड करके बाहर आ जाती हूं। वहां रुकती नहीं हूं और न ही किसी की पोस्ट पढ़ती हूं। इससे मुझे पता ही नहीं चलता है कि किसने क्या लिखा है। मेरे साथ डार्क इंटरनेट का किस्सा हो चुका है। मैं रिएक्ट करना ही नहीं चाहती हूं।


भानगढ़ जैसी जगह से लगता है डर


फराह ने अपने बच्चों के बारे में कहा- मुंबई में मेरे बच्चे मिस्ट्री रूम में बहुत जाते हैं। मुंबई में पार्क की कमी है। मॉल से ज्यादा बच्चे मिस्ट्री रूम में सीखते हैं। मैंने भी एक्सपीरियंस किया है और मिस्ट्री रूम के जेल में गई थी। मुझे भी डर लगता है। भानगढ़ जैसी जगह पर जाने से डरती हूं। उन्होंने कहा, बच्चे इंग्लिश मूवी ज्यादा देखते हैं और उन्हें बॉलीवुड मूवी फोर्स करके दिखानी पड़ती है।



सत्ते पे सत्ता के सीक्वेल के बारे में बस सुनने में आ रहा है


सत्ते पे सत्ता मूवी के सीक्वेल के बारे में कहा, सबसे सुनने में ही आ रहा है। अफवाहों में तो पता नहीं क्या-क्या हो गया है, लेकिन हमने कभी कुछ नहीं बोला है। रोहित जिस दिन कहेंगे अनाउंसमेंट कर दिया जाएगा। जयपुर में शूटिंग के लिए कहा, मैं तो इंडियन लोकेशन में ही शूट करती हूं। उसे पसंद किया जाता है।