दो दिन में शेयर बाजार के निवेशकों की पूंजी 3.57 लाख करोड़ रुपये बढ़ी


नई दिल्ली
बीते 1 फरवरी को बजट के दिन शेयर बाजार में भारी गिरावट से निवेशकों को जो झटका लगा था, उसकी क्षतिपूर्ति महज दो दिनों में ही हो गई। बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स मंगलवार को 917 अंक की जोरदार छलांग के साथ 40,700 अंक से ऊपर पहुंच गया, जिसके साथ ही पिछले दो दिनों में सूचीबद्ध कंपनियों के निवेशकों की पूंजी 3.57 लाख करोड़ रुपये बढ़ी है। इससे पहले सोमवार को सेंसेक्स 136.78 अंक चढ़ा था।


कुल एमकैप बंपर बढ़ा



सेंसेक्स में सुधार के बीच पिछले दो कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स की सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 3,57,044.43 करोड़ रुपये बढ़कर 1,56,61,769.40 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बजट के दिन सेंसेक्स में 987.96 अंक या 2.43 प्रतिशत की गिरावट आई थी और यह 40,000 अंक से नीचे फिसलकर 39,735.53 अंक पर बंद हुआ था।

खौफ को दिया झटका
चीन में करॉना वायरस के खौफ के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट तथा मजबूत वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार ने बजट के दिन हुए नुकसान की भरपाई एक ही दिन में कर डाली। बीएसई का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 917.07 अंक (2.30%) उछलकर 40,789.38 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई (NSE) का निफ्टी 271.75 अंकों (2.32%) की तेजी के साथ 11,979.65 पर बंद हुआ। बजट के दिन निवेशकों को 3.46 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।


कारणों की पड़ताल
आइए जानते हैं कि बजट के दिन हतोत्साहित बाजार में ऐसा क्या हुआ कि दो दिन बाद ही इसमें रौनक लौट गई। बजट के दिन निवेशकों को उम्मीद थी कि कंपनियों के लिए काफी राहत वाली घोषणाएं की जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ था। पूरा बजट मध्य वर्ग पर केंद्रित रहा था। इसलिए उम्मीदों के अनुरूप बजट नहीं होने के कारण शनिवार को बाजार में बिकवाली का जोर रहा। लेकिन मंगलवार को इसका ठीक उलटा हुआ और सेंसेक्स 900 अंक तक चढ़ गया। इससे पहले सोमवार को भी बाजार हरे निशान पर बंद हुआ था।

1. आर्थिक आंकड़ों, कंपनियों की कमाई पर ध्यान
निवेशकों का ध्यान अब आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों की कमाई की तरफ शिफ्ट हुआ है। इसके अलावा, आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक का इंतजार है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और रुपये की मजबूती ने भी बाजार को बल दिया है। हालांकि चीन में करॉना वायस का खौफ बरकरार है और आगे चलकर बाजार में अस्थिरता देखी जा सकती है। बीते कुछ दिनों में अर्थव्यवस्था के आंकड़ों के साथ-साथ कंपनियों की कमाई में सुधार हुआ है, जो इस बात का संकेत दे रहे हैं कि देश की इकॉनमी धीरे-धीरे सुस्ती से उबर रही है।

2. कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट
करॉना वायरस के खौफ के कारण चीन द्वारा मांग में गिरावट आने से सोमवार को कच्चा तेल वायदा की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। मांग में इस गिरावट की वजह से ओपेक तथा उसके सहयोगियों को आपूर्ति में कटौती करनी पड़ी है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 3.8 फीसदी की गिरावट के साथ प्रति बैरल 54.45 डॉलर पर पहुंच गई, जो पिछले साल जनवरी के बाद इसका सबसे निचला स्तर है। हालांकि, मंगलवार को कीमतों में थोड़ा सुधार हुआ।

3. डॉलर के मुकाबले रुपये में तेजी
मंगलवार को शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 16 पैसे मजबूत हुआ, जिसका शेयर बाजार पर सकारात्मक असर पड़ा। मजबूत रुपये से वस्तुओं का आयात सस्ता होगा।

4. मार्च से पहले लाभांश वितरण?

बजट 2020 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डिविडेंड डिस्ट्रिब्यूशन टैक्स (DDT) खत्म करने का प्रस्ताव किया है और अब टैक्स लाभांश पाने वाले को चुकाना पड़ेगा। शेयरधारकों को उम्मीद है कि अब कंपनियां लाभांश का भुगतान इस वित्त वर्ष के समाप्त होने से पहले करेंगी।

5. वैश्विक बाजारों में मजबूती
करॉना वायरस के खौफ के बावजूद वैश्विक बाजारों में मजबूती का घरेलू शेयर बाजार पर सकारात्मक असर पड़ा।

6. कम कीमतों पर शेयरों की खरीदारी
बजट के दिन शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी, जिसके कारण शेयरों की कीमतें काफी नीचे आ गई थीं। मंगलवार को निवेशकों के पास कम कीमत में बड़ी कंपनियों के शेयरों खरीदने का बढ़िया मौका था, जिसे वह हाथ से जाने नहीं देना चाहते थे। इसका निवेशकों ने जमकर फायदा उठाया है, पूरे दिन भरपूर लिवाली की।