पुलिस का दावा, 3 दिसंबर को दिल्ली जाम करने की थी शरजील इमाम की योजना


नई दिल्ली
राजद्रोह मामले में गिरफ्तार किए गए शरजील इमाम के लैपटॉप और मोबाइल से मिली जानकारी चौंकाने वाले हैं। क्राइम ब्रांच ने दावा किया है कि शरजील की बाबरी मस्जिद विध्वंस को मुसलमानों के खिलाफ अन्याय बताते हुए दिसंबर में दिल्ली में चक्का जाम करने की बड़ी योजना थी और उसके लिए उसने तैयारी भी कर ली थी। क्राइम ब्रांच ने दावा किया है कि 3 दिसंबर को जेएनयू के कुछ छात्रों और शरजील के कुछ साथियों ने ऐसे कई रूट की पहचान की थी जिसे बाधित किया जा सके और फिर चक्का जाम की स्थिति पैदा हो सके।


शरजील के लैपटॉप से मिले पैम्फलेट
एक आरोपी ने बताया कि पुलिस को शरजील के फोन से कुछ पैम्फलेट मिले हैं, जिसमें बाबरी मस्जिद विध्वंस को मुसलमानों के खिलाफ अन्याय बताते हुए दिल्ली के विभिन्न इलाकों में ट्रैफिक जाम करने की योजना थी। पैम्फलेट में कथित तौर पर यह भी लिखा था कि नागरिकता संशोधन ऐक्ट (CAA) में जिनका नाम नहीं आएगा उन्हें डिटेंशन सेंटर भेज दिया जाएगा।


शरजील इमाम का अलग दावा
शरजील ने कथित तौर पर दावा किया पैम्फलेट केवल विभिन्न विश्वविद्यालयों के वॉट्सऐप ग्रुप में भेजे जाने थे। हालांकि पुलिस ने कथित तौर पर यह पाया कि ये पैम्फलेट 15 दिसंबर को CAA के खिलाफ फैली हिंसा से दो दिन पहले बनाए गए थे। एक सूत्र ने बताया कि हिंसा में शरजील की भूमिका पर भी सवाल पूछे जाएंगे।

पैम्फलेट शेयर करने वालों की पुलिस कर रही पहचान

यह भी पता चला है कि पैम्फलेट दो ग्रुप में शेयर किए गए थे और इसके सदस्यों की पहचान की जा रही है। इस ग्रुप में किए गए चैट की भी जांच की जा रही है। एक सूत्र ने दावा किया कि इसे फेसबुक मैसेंजर और ई-मेल पर भी शेयर किया गया था। पुलिस शरजील के एक करीबी मित्र से भी इस बारे में पूछताछ करेगी जिसे उसने अपनी योजना के बारे में बताई थी।

शरजील ने पुलिस को बताया कि कोई भी पोस्टर हाथ से नहीं बांटा गया है और इसे भेजे गए लोगों को संबंधित ग्रुप में भेजने को कहा गया था। सूत्रों ने दावा किया कि पैम्फलेट में असम में हुई मौतों को लेकर छेड़छाड़ भी की गई थी।

शरजील से हर मामले में होगी अलग पूछताछ

जेएनयू से पीएचडी कर रहे शरजील फिलहाल क्राइम ब्रांच की हिरासत में है और उससे 15-20 दिसंबर के बीच दिल्ली में हुई हिंसा के हर मामले में अलग से पूछताछ की जाएगी। CAA के खिलाफ प्रदर्शन करने वाला शरजील के ऊपर भड़काऊ भाषण देने का कारण आरोप है और उसे बिहार के जहानाबाद जिले से 28 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था।