शाहीन बाग फायरिंग: 'कुछ असरदार' करना चाहता था कपिल गुर्जर, दोस्त से ली बंदूक


नई दिल्ली
'टीवी पर देखा तो यकीन ही नहीं हुआ कि यह वही कपिल (25) है, जो चुप-चुप रहकर अपने काम में लगा रहता है। वह अपने पिता की दूध की डेयरी में व्यस्त रहता है। थोड़ा बहुत समय बचने पर क्रिकेट जरूर खेलता है।' यह कहना है शाहीन बाग में गोली चलाने वाले आरोपी कपिल गुर्जर के गांव के लोगों का। कपिल ने पुलिस को बताया है कि वह कुछ बड़ा करना चाहता था, इसलिए अपने दोस्त से कट्टा लेकर वहां पहुंच गया था।


पिता लड़ चुके हैं चुनाव
कपिल के घर के बाहर लोगों का जमावड़ा लगा था। उनका कहना था कि अचानक हमारा गांव सुर्खियों में आ गया। एहतियातन यहां पुलिस भी आ गई थी। न्यू अशोक नगर थाने के बीट अफसरों ने यहां डेरा डाल लिया था। आरोपी के पिता का नाम चौधरी गजे सिंह बैंसला है। दूध की डेयरी चलाते हैं। परिवार में कपिल के अलावा बड़ा भाई और बहन हैं। कपिल की शादी हो चुकी है, एक बच्चा भी है। उसके पिता एक बार विधानसभा का और एक बार एमसीडी का चुनाव भी लड़ चुके हैं।


कल्याण सिंह और योगेंद्र सिंह नागर ने बताया कि हमलोग कपिल के परिवार से ही हैं। टीवी पर खबर आने के कुछ देर बाद कपिल की मम्मी की तबीयत खराब हो गई। उसके पिता उन्हें लेकर डॉक्टर के पास गए हैं। परिवार की ओर से हम आपको बता रहे हैं कि कपिल कभी भी गुस्सेवाला नहीं रहा। शांत स्वभाव का है। फतेह सिंह ने बताया कि शनिवार दोपहर 1 बजे तक तो वह यहीं घूम रहा था। इसके बाद उसे देखा नहीं, देखा तो उसे टीवी पर। 


शाहीन बाग में गोली चलाने वाला आरोपी कपिल गुर्जर वहां करीब आधे घंटे से घूम रहा था। लेकिन उस वक्त किसी को यह नहीं मालूम था कि अगले चंद मिनटों में यहां क्या होने वाला है। फिर अचानक कपिल ने देसी पिस्तौल निकाली और दूसरे बैरिकेड के पास जाकर फायरिंग कर दी। पिस्तौल बरामद कर ली गई है। लोगों का कहना है कि उसने तीन से चार गोलियां चलाईं। लेकिन पुलिस का कहना है कि आरोपी ने दो गोलियां हवा में चलाईं।

कुछ असरदार करना चाहता था- कपिल
कपिल ने पुलिस को बताया कि वह कुछ ऐसा करना चाहता था जो असरदार हो। शाहीन बाग जाने के लिए वह पहले सराये काले खां तक बस में गया। फिर ऑटो रिक्शा से शाहीन बाग तक पहुंचा।

दोस्त से लिया था कट्टा
पुलिस की पूछताछ में कपिल का कहना है कि उसे गोली चलाने का न तो कोई अफसोस है और न ही पुलिस के पकड़े जाने का। वह जो करना चाहता था, वह उसने कर दिया। देसी पिस्तौल का उसने कहां से प्रबंध किया, इस सवाल का जवाब पुलिस उससे तलाश रही है। पता लगा है कि यह पिस्तौल उसने अपने एक दोस्त से ली थी। कपिल शाहीन बाग में प्रदर्शन स्थल पर शनिवार शाम 4-4:15 बजे पहुंच गया था। इसके बाद वह वहां थोड़ी देर घूमा। इसके बाद उसने फायरिंग कर दी। बताया जाता है कि पुलिस पूछताछ में उसने कहा है कि वह किसी को मारने के इरादे से यहां नहीं आया था। उसने पुलिस को बताया है कि वह ग्रैजुएट है। परिवार के किसी भी सदस्य ने उसे नहीं उकसाया था।

कपिल अपनी हरकत को सही साबित करने के लिए कह रहा है कि सड़क बंद होने से उसे नाराजगी थी और वह चाहता था कि कैसे भी हो इन्हें वहां से हटाया जाना चाहिए। इसने यह भी कहा है कि हमारे देश में किसी और की नहीं चलेगी, केवल हिंदुओं की ही चलेगी। बताया जाता है कि दल्लुपुरा में रहने वाले कपिल के पिता की डेयरी से शाहीन बाग की ओर दूध की सप्लाई भी है। रोड बंद होने से उन्हें यहां हर दिन परेशानी उठानी पड़ रही है। रविवार को भी कुछ लोगों ने यहां जाकर प्रदर्शनकारियों का विरोध करने की बात कही है, इसके लिए पुलिस अलर्ट मोड में है। वॉट्सऐप पर इस तरह के भड़काऊ मेसेज चल रहे हैं कि लोग यहां आकर सड़क खाली कराएं।