कोरोनाः डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर यकीन कर एरिजोना में बुजुर्ग ने खाई क्लोरोक्वीन, मौत


न्यूयॉर्क
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिन पहले कोरोना का तोड़ ढूंढ लेने का दावा किया था और बताया था कि कोरोना मरीजों के इलाज में ऐंटी-मलेरिया मेडिसिन क्लोरक्वीन का इस्तेमाल किया जा सकता है। ट्रंप की बातों पर एरिजोना के एक बुजुर्ग जोड़े को इतना यकीन हो गया कि उन्होंने बिना डॉक्टरी सलाह के उसका सेवन कर लिया और परिणाम यह हुआ पति की मौत हो गई और पत्नी आईसीयू में भर्ती हैं।


 

अमेरिका कोरोना के इलाज के लिए वेक्सिन और मेडिसिन ढूंढने में लगा हुआ है और बीच-बीच में राष्ट्रपति ट्रंप दवा मिल जाने का दावा भी कर रहे हैं। उन्होंने कुछ दिन पहले दो दवाई सुझाई थी जिनमें एक हाइड्रोक्लोरोक्वीन और अजिथ्रोमाइसिन थी। उन्होंने दावा किया था कि ये मेडिसिन के इतिहास में गेम चेंजर साबित हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया था कि कोविड-19 से लड़ने में क्लोरोक्वीन कारगर साबित हो सकता है। हालांकि, कई डॉक्टरों ने उनके दावे पर उंगली उठाते हुए कहा था कि इन दवाओं को प्रमाणित नहीं किया जा सका है। वहीं, अमेरिका के फूड ऐंड ड्रंग ऐडमिनिस्ट्रेशन ने भी इस दवा की मंजूरी नहीं दी थी।

उधर, एरिजोना स्थित बैनर हेल्थ ने यह नहीं बताया है कि इस बुजुर्ग जोड़े को क्लोरोक्वीन कहां से मिली या किस अस्पताल में उनका इलाज किया गया है।
बैनर हेल्थ ने बयान जारी कर बताया, 'दवा निगलने के 30 मिनट के अंदर इस बुजुर्ग जोड़े पर इसका असर होने लगा और उन्हें नजदीकी बैनर हेल्थ हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा।' ट्रंप के दावे के अनुसार क्लोरोक्वीन गेम चेंजर साबित होगा या नहीं यह तो बाद की बात है लेकिन इसने दो जिंदगियां बर्बाद कर दीं।

अमेरिका में कोरोना वायरस से 45 हजार लोग संक्रमित हैं। इटली के बाद अमेरिका में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या सबसे अधिक है। यहां 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।