कोरोनावायरस / जयपुर में पिछले 24 घंटे में कोई नया मामला सामने नहीं आया, निजी अस्पतालों में 25 प्रतिशत बेड्स कोरोना के लिए आरक्षित


जयपुर. राजस्थान में करोनावायरस पॉजिटिव का आंकड़ा 29 पर पहुंच चुका है। इस बीच जयपुर में राहत की बात है कि पिछले 24 घंटे से कोई नया केस सामने नहीं आया है। जयपुर आखिरी केस शनिवार को सामने आय़ा था। जिसमें जयपुर निवासी एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिला था। जिसके बाद उसे आइसोलेशन में रखा गया था।


इससे पहले गत शुक्रवार को स्विट्जरलैंड से लौटे व्यक्ति और यूएस से लौटी महिला की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव मिली थी। दोनों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। महिला वैशाली नगर की रहने वाली बताई जा रही है। 


निजी मेडिकल कॉलेजों में 25 प्रतिशत बेड्स होंगे कोरोना के लिए आरक्षित


अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य रोहित कुमार सिंह ने एक अधिसूचना जारी कर निजी बड़े अस्पतालों और निजी मेडिकल कॉलेजों में 25 प्रतिशत बेड्स को कोरोना वायरस के संक्रमित संदिग्ध रोगियों के इलाज/भर्ती हेतु आइसोलेशन वार्ड के लिए रूप में आरक्षित रखने के आदेश जारी किए है।


पॉजिटिव मरीजों के लिए 500 बेड की डेडिकेटेड आईपीडी होगी


कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार ने एसएमएस अस्पताल में 500 बैड की डेडिकेटेड आईपीडी शुरू करने का निर्णय किया है। इसके अलावा चरक भवन के प्रथम व द्वितीय तल में संदिग्धों के लिए आईपीडी बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इसके लिए बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। फिलहाल अस्पताल में 4 स्पेशिलिटी के 500 बैड कोरोना महामारी के लिए रिजर्व किए गए हैं।


एसएमएस मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भंडारी ने बताया कि एसएमएस में पहले से भर्ती मरीजों की स्क्रीनिंग कर उन्हें या तो डिस्चार्ज कर दिया जाएगा या फिर उन्हें किसी अन्य वार्ड में स्थानांतरित किया जाएगा। विभागवार कॉमन वार्डस बनाए जा रहे हैं। एसएमएस में वर्तमान में लगभग 20 वार्डस को खाली करवाकर कोरोना पाॅजीटिव मरीजों के लिए 500 बैड की व्यवस्था की जा रही है।


अगले 24 घंटे में शुरू हो जाएगी नई आईपीडी
मुख्यमंत्री गहलोत ने रविवार को चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, सीएस डीबी गुप्ता, एसीएस हैल्थ रोहित कुमार सिंह से पूरे प्रदेश के हालात पर चर्चा की। सामने आया कि आपात स्थिति से निपटने के लिए एसएमएस में डेडिकेटेड सेन्टर बनना चाहिए। इस निर्णय के बाद चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया ने एसएमएस का निरीक्षण किया और अगले 24 घंटे में नई व्यवस्था शुरू करने के लिए आदेश दिए।