सांसद किरोड़ी लाल मीणा को जमानत पर छोड़ा, गिरफ्तारी के विरोध में समर्थकों ने किया था प्रदर्शन और थाने के घेराव


जयपुर. राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा सहित उनके समर्थकों को करीब 11 घंटे बाद सुबह 11.13 बजे जमानत पर छोड़ दिया गया। उनकी गिरफ्तारी के विरोध में समर्थकों ने सामोद थाने का घेराव किया। उधर दौसा में भी उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया और सोमनाथ चौराहे पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने लालसोट- दौसा मार्ग पर टीटोली टोल प्लाजा पर जाम भी लगा दिया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर वहां से हटा दिया। बता दें, सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने शनिवार को रामगढ़ बहाव क्षेत्र में बने रिसोर्ट को खाली कराने के लिए रिसोर्ट के बाहर हंगामा किया था।


क्या है पूरा मामला


उनका आरोप था कि रामगढ़ के बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण कर रिसोर्ट बनाया गया। इसे हटाने के लिए आंदोलन और धरना दिया। हाईकोर्ट ने भी रिजॉर्ट को अतिक्रमण मानते हुए खाली कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा था कि सरकार व्यक्ति विशेष को फायदा पहुंचाने के लिए संरक्षण दे रही है। रिजॉर्ट को हटाया नहीं गया तो वे एमपी के विधायकों के सामने धरना देंगे।  इसके बाद देर रात 12:30 बजे पुलिस ने उन्हें  और उनके 18 समर्थकों को शांति भंग के मामले में गिरफ्तार कर लिया। सुरक्षा कारणों से गोविंदगढ़ सीओ संदीप सारस्वत और उनकी टीम किरोड़ी को लेकर सामोद के लिए रवाना हो गई थी। रात को सामोद थाने में ही इन सभी को रखा गया।''


सोशल मीडिया पर लिखा- गिरफ्तार कर आवाज नहीं दबाई जा सकती


किरोड़ी ने सोशल मीडिया पर लिखा- ''मुझे गिरफ्तार कर मेरी आवाज नहीं दबाई जा सकती है। जमवारामगढ़ बांध के बहाव क्षेत्र में अवैध रूप से बनाए गए ट्री हाउस रिसोर्ट को मैं हटवाकर ही रहूंगा।''


किरोड़ी को पहनाया मास्क
सुबह इन सभी के मेडिकल के लिए डाक्टरों की एक टीम आई। सांसद सहित पांच लोगों को मेडिकल कराया गया। सांसद किरोड़ी लाल को कोरोनावायरस के खौफ के बीच एहतियात के तौर पर मास्क भी पहनाया गया। बाकी ने मेडिकल कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद जयपुर ग्रामीण एएसपी ज्ञानचंद यादव, उपखंड अधिकारी और अवकाशकालीन मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सभी को जमानत पर छोड़ दिया गया।