हैदराबादः लॉकडाउन में मां को सरपंच बेटे ने गांव में नहीं दी एंट्री


हैदराबाद
तेलंगाना में कई गांव सख्ती से लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं। कई गांव के लोगों ने अपने यहां बैरीकेटिंग लगाकर गांव में आना-जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। वे न तो किसी को गांव से बाहर जाने दे रहे हैं, न ही किसी को गांव में आने दे रहे हैं। हैदराबाद के संगारेड्डी गांव में लॉकडाउन के नियमों पर सरपंच ने इतनी सख्ती दिखाई कि गांव के बाहर गई अपनी मां तक को उन्होंने गांव में वापस नहीं आने दिया।

सिरगापूर मंडल के गोइसाइपल्ली गांव के सरपंच ने तो इतना सख्त रवैया अपनाया कि उन्होंने अपनी मां को गांव में नहीं घुसने दिया। उन्होंने बताया कि उनकी मां तुलसम्मा एक रिश्तेदार के यहां गई थीं। वह गांव वापस आईं तो उन्हें प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया गया। सरपंच ने उन्हें वापस रिश्तेदार के यहां जाने को कहा। काफी देर इंतजार करने, जिद करने और झगड़ा करने के बाद भी सरपंच ने अपनी मां को गांव में नहीं आने दिया तो वह मजबूरी में वापस रिश्तेदार के यहां लौट गईं।


गांव में डंडा लेकर खड़े सरपंच
नलगोंडा जिले में 23 साल के वुदुथा अखिल यादव मदनापुरम गांव के सरपंच हैं। वह गांव के एंट्री पॉइंट पर खड़े रहते हैं। कई बार उन्हें डंडे का भी प्रयोग करना पड़ता है ताकि लॉकडाउन का पालन हो सके। गांव में कोई भी बाहरी प्रवेश नहीं कर पा रहा न ही कोई बाहरी उनके गांव की तरफ आ सकता है।


गांव के बाहर लगाया बैनर
खम्मम के कोनिजेरला में गांव तनिकेल्ला के बाहर तो एक बड़ा बैनर टांगा गया है। गांव के बाहर लिखा है, 'आप हमारे गांव मत आइए, हम आपके गांव नहीं आएंगे।' गांव की एंट्री पॉइंट बंद करने के लिए पेड़ों की बड़ी-बड़ी टहनियां काटकर डाल दी गई हैं। गांव में निगरानी के लिए 24 घंटे गांववाले एंट्री पॉइंट पर ड्यूटी दे रहे हैं। सिर्फ मेडिकल इमरजेंसी पर ही एंट्री पॉइंट खोले जाते हैं। यहां तक की लॉकडाउन के बाद हैदराबाद से अपने गांव आए लोगों को भी गांववाले प्रवेश नहीं दे रहे हैं।