कोरोना का एपिसेंटर जयपुर का रामगंज / अब तक 79 संक्रमित; यहां लोग घर के बाहर नहीं निकल रहे; सर्वे टीम ने भी दरवाजों और घंटियों से बनाई दूरी


जयपुर. शहर का रामगंज इलाका। इस इलाके में अब तक कुल 79 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। अगर पूरे जयपुर शहर की बात की जाए तो 102 संकमित मिले हैं। यानी सिर्फ 15 शहर के दूसरे हिस्सों के हैं। जयपुर में रामगंज और उसके आसपास सटे हुए इलाकों में सात दिनों से कर्फ्यू लगा है। ड्रोन से निगरानी की जा रही है। इस इलाके के लोग इतने डरे हैं कि घर के दरवाजे पर भी नहीं आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरे इलाके के लोगों की स्क्रीनिंग कर रही है। लेकिन टीम भी सहमी है। घरों के दरवाजों तक को ग्लव्स पहनने के बाद भी हाथ नहीं लगा रही है।


पहले ओमान से आया संक्रमित और फिर तब्लीगी


रामगंज इलाके में संक्रमण का पहला मामला ओमान से आए व्यक्ति में मिला था। उसके बाद उसके परिवार और उससे जुड़े लोग संक्रमित मिले हैं। शनिवार को जो 39 पॉजिटिव मिले हैं उसमें कुछ तब्लीगी जमाती और संक्रमित व्यक्ति के कांटेक्ट वाले हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने अलग-अलग नंबर में इसकी जानकारी नहीं दी। हालांंकि, शनिवार को जो 39 पॉजिटिव मिले हैं वह पहले से ही शहर के दो हॉस्पिटल आरयूएचएस और निम्स में क्वारैंटाइन थे। 


जयपुर के सबसे बड़े हॉस्पिटल एसएमएस की कैंटीन संचालक भी संक्रमित
जयुपर के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में काम करने वाला एक कैंटीन संचालक भी पॉजिटिव निकला है। इससे पूरा अस्पताल ही कोरोना के खतरे के दायरे में आ गया। इस कैंटीन में करीब 50 डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ कुछ न कुछ खा चुका है। यहीं नहीं प्रिंसिपल ऑफिस समेत वायरलॉजी लैब के स्टाफ तक ने यहां खाना खाया। अब सभी से पूछताछ की जा रही है। सभी को कहा गया है कि खासी, जुखाम की समस्या होने पर तुरंत सूचित किया जाए। सबसे चिंता वाली बात ये है कि संक्रमित मिला कैंटीन संचालक रामगंज का रहने वाला है।


एसएमएस में रामगंज से करीब 70 लोगों का स्टाफ
परेशानी यहीं खत्म नहीं होती। रामगंज के करीब 60-70 लोग एसएमएस अस्पताल में कर्मचारी हैं। ये रोज घर से आते-जाते हैं। न तो इनका प्रवेश रोका जाता और ना ही इनके कहीं और रहने की व्यवस्था की गई है। वह भी तब जब रामगंज कोरोना के लिए सबसे संवेदनशील इलाका है।


250 टीमों ने की दस हजार परिवारों की स्क्रीनिंग
रामगंज सहित पूरे क्षेत्र में कोरोना के संक्रमण की रोकथाम के लिए 100 अतिरिक्त मेडिकल टीमों ने रविवार से घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की। इससे पहले 150 टीमें काम कर रही थीं। यानी 250 टीमों ने रविवार को 10 हजार से अधिक परिवारों की स्क्रीनिंग की।


लोग दरवाजा नहीं खोल रहे, खिड़कियों से दे रहे जवाब


रामगंज इलाके में चारों ओर सिर्फ सन्नाटा। इस इलाके में कोरोना को रोकने के लिए प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। डॉक्टर, नर्स, एएनएम, आशा सहयोगिनी सहित अलग-अलग मेडिकल टीमें रामगंज सहित आसपास के सात थाना क्षेत्रों के लाखों लोगों का कोरोना सर्वे करना है। यहां स्क्रीनिंग के दौरान लोग दरवाजा खोलने से भी डर रहे हैं। वहीं खिड़कियों से भी सवालों के जवाब दे रहे हैं। किसी को बुखार, खांसी तो नहीं है, हाल ही में किसी बाहरी के संपर्क में तो नहीं आए हो। स्क्रीनिंग के दौरान टीम पूछती है घर में कितने सदस्य हैं, किसी को खांसी, बुखार तो नहीं। इसके अलावा घर में कितने किराएदार हैं औैर हाल में किसी बाहरी या विदेशी व्यक्ति के संपर्क में तो नहीं आए।


घर-घर के बाहर बस एक ही आवाज लगाती है टीम...कोई बीमार तो नहीं
संक्रमित नहीं हों जाए इसके लिए टीम किसी भी घर का दरवाजे या बेल बटन को टच नहीं कर रहे। आवाज देकर ही लोगों से पूछते हैं कि घर में कोई बीमार तो नहीं है।