मोतिहारी टु मुरादाबाद : कोरोना के कर्मवीरों पर हमले के पीछे कौन?


 मोतिहारी


भारत के सामने कोरोना वायरस जैसी बड़ी चुनौती है। हेल्‍थ केयर प्रोफेशनल्‍स जी-जान से लगे हैं क‍ि Covid-19 मरीजों की ट्रेसिंग और उनका इलाज सही से हो सके। इसके बावजूद, कुछ ऐसी दुर्भाग्‍यपूर्ण घटनाएं हो रही हैं जो मानवता पर धब्‍बा लगाती हैं। बिहार का मोतिहारी, औरंगाबाद हो या दिल्‍ली के अस्‍पताल, गुजरात हो या फिर मध्‍य प्रदेश का इंदौर, कोरोना वारियर्स पर हमलों ने कुछ सवाल खड़े किए हैं। जीवन देने वाले डॉक्‍टर्स पर ये हमले किस वजह से हो रहे हैं? इन हमलों के पीछे कौन है?
मुरादाबाद में अचानक शुरू हुआ पथराव


मुरादाबाद के नवाबपुरा इलाके में संदिग्‍ध कोरोना पेशेंट को लेने गई टीम पर हमला हो गया। अचानक से भीड़ जुटी और पत्‍थरबाजी शुरू हो गई। कई मेडिकल कर्मी घायल बताए जा रहे हैं।
छतों से फेंके गए पत्‍थर


मुरादाबाद में महिलाएं छतों से ईंट-पत्‍थर फेंकती दिख रही हैं। ये भीड़ अचानक तो नहीं जुटी होगी। उसके पीछे कुछ ना कुछ कारण तो होगा ही। क्‍या इस भीड़ को भड़काया गया? क्‍या वह किसी डर की वजह से लोगों ने ये रवैया अख्तियार किया? इन सवालों का जवाब बहुत जरूरी है।
किस बात का डर?


मुरादाबाद में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ राष्‍ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। मगर बड़ा सवाल यही है कि हमले क्‍यों हो रहे हैं। क्‍या इसके पीछे ऐसे लोगों का डर है? क्‍या उन्‍हें लगता है कि ये डॉक्‍टर्स उनके साथ कुछ गलत करेंगे? अगर डर नहीं है तो मेडिकल टीम का सहयोग क्‍यों नहीं करते।
क्‍या अफवाह के चलते हो रहे हमले?


ज्‍यादा दिन नहीं हुए जब इंदौर से भी ऐसी ही खौफनाक घटना सामने आई थी। तब ये कहा गया कि लोगों को डर था कि उन्‍हें ले जाकर कहीं बंद कर दिया जाएगा। ये बात उनके दिमाग में किसने डाली? कौन ऐसी अफवाहें फैला रहा है? हिंसा की इन घटनाओं के पीछे कहीं अफवाहें तो वजह नहीं?
कहीं अशिक्षा तो नहीं वजह


पोलियो वैक्‍सीन का भी देश के कई इलाकों में जोरदार विरोध हुआ था। उस वक्‍त अशिक्षा को एक बड़ा कारण बताया गया था। क्‍या ये हो सकता है कि समाज का वो तबका जो पढ़ाई-लिखाई से दूर है, कोरोना के खतरे को नहीं समझ पा रहा? अशिक्षा के चलते ऐसे हमले हो रहे हैं?
लेडी डॉक्‍टर्स से बदसलूकी


दिल्‍ली के सफदरजंग अस्‍पताल में दो फीमेल डॉक्‍टर्स के साथ इसलिए बदसलूकी हुई क्‍योंकि एक शख्‍स को यह डर था कि वे कोरोना इन्‍फेक्‍शन फैला सकती हैं। जिस पर बचाने की जिम्‍मेदारी हो, वो बीमारी कैसे दे सकता है?
कौन भड़का रहा है इन्‍हें?


डॉक्‍टर्स पर पत्‍थरबाजी के लिए इन लोगों का कौन उकसा रहा है? जांच एजेंसियों को इस बात का पता लगाने की जरूरत है कि देश में जगह-जगह ऐसी घटनाएं क्‍यों हो रही हैं।
गुजरात में डॉक्‍टर से बदसलूकी


कुछ दिन पहले, गुजरात के सूरत का एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें एक व्‍यक्ति अपनी डॉक्‍टर किरायेदार को धमका रहा था कि वह घर ना आए। उसे डर था कि सबको कोरोना हो जाएगा। अब पढ़े-लिखे लोग अगर इस तरह की अफवाहों के शिकार हैं तो अनपढ़ों की हालत समझी जा सकती है।
हिंसा किसी सूरत में ठीक नहीं


अगर लोगों को किसी बात का डर है तो वे अपनी बात सामने रखें। यूं मेडिकल टीम पर हमला करना उनके लिए ही मुसीबत लाएगा। अगर डॉक्‍टर्स ने हाथ खड़े कर दिए तो बड़ी दिक्‍कत हो जाएगी।
मदद को पहुंचे, मिली चोटें


कई इलाकों में अब मेडिकल टीम ने जाने से पहले सिक्‍योरिटी मांगना शुरू कर दिया है। अस्‍पतालों के भीतर भी डॉक्‍टर्स, मेडिकल स्‍टाफ से बदसलूकी के मामले आए हैं। पुलिसकर्मियों पर भी हमले हुए हैं। कोरोना वारियर्स की सेफ्टी बहुत जरूरी है। ऐसे में इन हमलों के कारण हों, उनका पता लगाकर फौरन उन्‍हें दूर किया जाए।


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