पहले मुंह दबाया, फिर भरा सैनेटाइजर, कोरोना कर्मवीर को दबंगों ने मार डाला!


कोरोना वायरस  के बढ़ते मामलों के बीच भी 'कर्मवीर' अपना फर्ज निभा रहे हैं। डॉक्टर्स मरीजों का इलाज कर रहे हैं, सफाईकर्मी साफ-सफाई में जुटे हैं, पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात हैं और सेनेटाइजेशन की जिम्मेदारी भी पूरी निष्ठा के साथ निभाई जा रही है। दरअसल, कोशिश यह है कि किसी तरह से इस भयानक महामारी पर काबू पा लिया जाए। इसके बावजूद इन कर्मवीरों की उपेक्षा हो रही है। कुछ जगहों पर इनके साथ मारपीट की गई तो कहीं, गालीगलौच किया गया। ताजा मामला है उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले का, जहां सेनेटाइजेशन करने गए एक युवक को सैनेटाइजर पिलाकर मार डाला गया।
सेनेटाइजेशन करने गया था युवक


रामपुर के मोतीपुरा गांव में कोरोना के खतरे के बीच सेनेटाइजेशन करने गए युवक का स्थानीय लोगों से विवाद हो गया था, जिसके बाद कुछ दबंग युवकों ने उसे कथित रूप से जबरन सैनेटाइजर पिला दिया।
...और मुंह में भर दिया सैनेटाइजर


स्थानीय लोगों का कहना है कि 14 अप्रैल को गांव का कुंवरपाल अपने साथी के साथ पेमपुर गांव में सेनेटाइजेशन का काम पूरा करने में लगा था। काम के बीच में गांव का रहने वाला इंद्रपाल कुंवरपाल के पास पहुंच गया। इस दौरान इंद्रपाल पर सैनेटाइजर की कुछ बूंदें गिर गईं। इंद्रपाल ने इस बात पर नाराजगी जताई और कुंवरपाल से हाथापाई करने लगा। कुंवरपाल का पहले मुंह दबाया गया, फिर सैनेटाइजर भर दिया गया।
17 अप्रैल को हो गई मौत


इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एएसपी अरुण कुमार कहते हैं, 'मृतक के भाई ने हमें घटना के बारे में सूचना दी। उसने आरोप लगाया है कि जब मृतक 14 अप्रैल को मोतीपुरा गांव में सेनेटाइजेशन करने गया था, तो कुछ बदमाशों ने उसे पीटा था। स्थानीय लोगों ने युवक को रामपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से डॉक्टरों ने रिफर कर दिया। फिर उसे मुरादाबाद जिले के टीएमयू अस्पताल में भर्ती कराया गया। 17 अप्रैल को उसकी मृत्यु हो गई।'
इन धाराओं में दर्ज किया गया केस


पुलिस ने मामले में इस मामले में आईपीसी की धारा 304 (गैरइरादतन हत्या), 147 और 323 के तहत केस दर्ज कर लिया है।
जिंदगी बचा रहे हैं...फिर भी अनसेफ हैं कोरोना वॉरियर्स!


इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में कुछ उपद्रवियों ने डॉक्टर और पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। बुधवार को एक मेडिकल टीम हाजी नेक की मस्जिद के पास से मरीज के संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन करने के लिए लेने गई थी। ऐंबुलेस जैसे ही कुछ लोगों को लेकर निकली, दर्जनों लोगों ने ऐंबुलेंस को घेर लिया और पथराव शुरू कर दिया। ऐंबुलेंस में मौजूद डॉ. एससी अग्रवाल को खींचकर लोगों ने पीटना शुरू कर दिया।
मुरादाबाद मामले में योगी ने लिया था यह ऐक्शन


मुरादाबाद में हुई घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा ऐक्शन लिया। सीएम ने आरोपियों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई और दोषी व्यक्तियों की तरफ से की गई सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई उन्हीं से करवाए जाने का आदेश दिया है।