थाइलैंड: कोरोना से ठप 'पार्टीलैंड', सड़कों पर कस्टमर तलाशने को मजबूर सेक्स वर्कर्स


 



थाइलैंड: कोरोना से ठप 'पार्टीलैंड', सड़कों पर कस्टमर तलाशने को मजबूर सेक्स वर्कर्सकोरोना वायरस के चलते दुनियाभर का बिजनस ठप हो गया है। अपनी पार्टीज के लिए मशहूर थाइलैंड में भी अब सन्नाटा छा गया है। बैंगकॉक से लेकर पटाया तक नाइट क्लब और मसाज पार्लर बंद हो चुके हैं। टूरिस्ट्स आ नहीं रहे और ऐसे में इनके सहारे घर चलाने वाले सेक्स वर्कर्स के सामने पैसों की तंगी पैदा हो गई है। आंकड़ो के मुताबिक इस महामारी के कारण करीब 3,00,000 लोग सेक्स वर्कर्स बेरोजगार हो गए हैं। हालात ऐसे हैं कि ये लोग काम ढूंढने के लिए सड़कों-गलियों में निकलने को मजबूर हैं।


वायरस का डर लेकिन...


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न्यूज एजेंस एएफपी को एक सेक्स वर्कर ने बताया कि उन्हें वायरस का डर तो है लेकिन घर के किराये और खाने के इंतजाम के लिए कस्टमर ढूंढना भी जरूरी है। थाइलैंड में बार और रेस्तरां कई दिन पहले बंद कर दिए गए थे और अब रात 10 बजे से लेकर सुबह 4 बजे तक कर्फ्यू लगाया गया है।




बार, रेस्तरां बंद...


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ज्यादातर सेक्स वर्कर्स बार में काम करते थे और बाद में कस्टमर्स के साथ ही चले जाते थे। अब बार बंद हो चुके हैं तो कस्टमर्स का इंतजार करने के लिए उन्हें सड़कों पर निकलना पड़ता है। एक और सेक्स वर्कर ने बताया कि पहले जहां हर हफ्ते 300-600 डॉलर मिल जाया करते थे, अब बिजनस बंद होने से वह आमदनी बंद हो गई है। घर का किराया न देना पाना उनके लिए सबसे बड़ी समस्या है।




सरकारी मदद से भी दूर


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सेक्स वर्क में वैसे भी खतरा ज्यादा होता है, वायरस की वजह से यह और भी बढ़ गया है। देश की सरकार तीन महीने तक बेरोजगार हुए लोगों को भत्ता देगी लेकिन सेक्स वर्क औपचारिक रूप से रोजगार तो है नहीं। ऐसे में इन लोगों को इसका फायदा भी नहीं मिलेगा। एम्पावर फाउंडेशन नाम के ग्रुप ने सरकार से अपील की है कि इन लोगों की मदद की जाए।