12 देश, हजारों भारतीय, 7 दिन: जल, नभ... भारत ऐसे चलाएगा दुनिया का सबसे बड़ा 'घरवापसी' मिशन


नई दिल्ली
लॉकडाउन के दौरान देश में जगह-जगह फंसे मजदूरों को घर ले जाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को चलाने के बाद अब सरकार गुरुवार से विदेश में फंसे लाखों भारतीयों की 'घरवापसी' का महाअभियान चलाने वाली है। पहले 7 दिनों में 12 देशों से करीब 15 हजार भारतीयों को स्पेशल फ्लाइट्स से लाया जाएगा। इस महाअभियान को 'वंदे भारत मिशन' नाम दिया गया है। इसके अलावा नेवी को भी इस महाअभियान में उतार दिया गया है। मालदीव से 1000 भारतीयों को लाने के लिए इंडियन नेवी ने मंगलवार को ही 'समुद्र सेतु' अभियान लॉन्च कर दिया है। यानी सरकार भारतीयों की वापसी के लिए नभ और जल के रास्ते बड़ा अभियान चलाने जा रही है।

12 देश, 15 हजार भारतीय, 64 स्पेशल फ्लाइट
स्पेशल फ्लाइट्स के जरिए विदेश में फंसे भारतीयों को घर लाने के लिए 7 मई यानी गुरुवार से स्पेशल फ्लाइट्स शुरू होने वाली हैं। 7 मई से 7 दिनों तक 12 देशों में फंसे करीब 15 हजार भारतीयों को एयर इंडिया की 64 स्पेशल फ्लाइट्स के जरिए लाया जाएगा। फंसे हुए लोगों से फ्लाइट का किराया भी लिया जाएगा और इसे तय कर दिया गया है।


इन देशों से भारतीयों को लाने के लिए स्पेशल फ्लाइट
अमेरिका, ब्रिटेन, बांग्लादेश, मलेशिया, फिलीपिंस, सिंगापुर, यूएई, सऊदी अरब, कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान।


कब, कहां से लाए जाएंगे भारतीय
पहले हफ्ते में खाड़ी से 26, साउथ ईस्ट एशिया से 17 और अमेरिका, ब्रिटेन और बांग्लादेश से 7-7 स्पेशल फ्लाइटों के जरिए भारतीयों की घरवापसी होगी। पहले दिन आबू धाबी, दुबई, रियाद, दोहा, लंदन, सैन फ्रैंसिस्को, सिंगापुर, कुआलालंपुर, ढाका और मनीला से 2300 भारतीयों को लाया जाएगा। दूसरे दिन यानी 8 मई को बहरीन और कुवैत से करीब 2 हजार भारतीयों को लाया जाएगा।


तीसरे दिन भी इतनी ही तादाद में भारतीयों को लाया जाएगा। चौथे दिन करीब वॉशिंगटन समेत कई जगहों से 1800 भारतीयों को लाया जाएगा। इसी तरह पांचवें दिन 2 हजार से थोड़े ज्यादा भारतीयों को लाया जाएगा। इसमें सऊदी अरब में रह रहे भारतीय भी शामिल होंगे। छठे दिन 2500 भारतीयों और सातवें दिन करीब 2 हजार भारतीयों को लाने का प्लान है। 
12 हजार से 1 लाख रुपये में पड़ेंगे टिकट
अमेरिका से आने वाले भारतीयों से 1 लाख रुपये किराया वसूला जाएगा जबकि ब्रिटेन से आने वालों से 50 हजार रुपये। इसी तरह बांग्लादेश से दिल्ली आने वालों से 12 हजार रुपये और वहां से कोचि जाने वालों से 15 हजार किराया वसूला जाएगा। इसी तरह खाडी देशों से आने वाले भारतीयों का किराया 15 हजार रुपये से शुरू होगा।


खाड़ी देशों में ही 3 लाख भारतीयों ने करा लिया है रजिस्ट्रेशन
सिर्फ खाड़ी देशों में फंसे करीब 3 लाख भारतीयों अब तक वतन वापसी के लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया है। इसी तरह बाकी देशों में भी बड़ी तादाद में भारतीय नागरिक भारतीय दूतावासों/उच्चायोगों में रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं ताकि वे लौट सकें। 
द्वीपीय देश मालदीव में फंसे करीब 1 हजार भारतीयों को लाने के लिए इंडियन नेवी का 'सेतु समुद्र' अभियान मंगलवार से शुरू हो चुका है। नेवी अपने युद्धपोतों आईएनएस जलश्व और आईएनएस मगर को मालदीव भेज रही है। दोनों क्रमशः 8 मई और 10 मई को वहां पहुंचेंगे। इसके अलावा नेवी ने 12 अन्य युद्धपोतों को स्टैंडबाइ में रखा है ताकि जरूरत पड़ने पर खाड़ी में फंसे भारतीय नागरिकों को बड़े पैमाने पर घर लाया जा सके। 


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