बीमारी और बेरोजगारी में पत्नी चल बसी, दूसरे दिन पति ने दम तोड़ा, तीन मासूम हुए अनाथ


भुसावर.। भुसावर-थाना क्षेत्र के गांव निठार में एक दंपती की लंबी बीमारी के चलते मृत्यु हो गई, जिससे इनके तीन छोटे बच्चे अनाथ हो गए। सुरेंद्र और उनकी पत्नी संतोष देवी कई वर्षों से बीमार थे और बेरोजगारी की मार झेल रहे थे। संतोष देवी का 12 तारीख को निधन हो गया। ग्रामीणों ने संतोष का दाह संस्कार किया। सुरेंद्र इस पीड़ा को नहीं सह पाया और दूसरे दिन 13 तारीख को उसकी भी मौत हो गई। दंपती की मौत के बाद गांव में शोक का माहौल है। 


गांव के खुबीराम ने बताया कि सुरेंद्र की वर्ष 2007 में बोलखेड़ा निवासी संतोष के साथ शादी हुई थी। दोनों के तीन बच्चे हैं। बड़ा लोकेश 10 वर्ष का है, जो पांचवीं क्लास में पढ़ता है। उससे छोटा कपिल और तीसरा व सबसे छोटा गौरव है। सुरेंद्र विकलांग था और मार्बल का कार्य करता था, लेकिन बीमारी के चलते उसने यह काम छोड़ दिया और एक निजी विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत था।


संतोष भी काफी समय से बीमार थी, जिसके हाथों और पैरों में नाखून नहीं थे। दंपती ने काफी इलाज कराया, लेकिन बेरोजगारी के चलते आगे इलाज नहीं करा सके। सुरेंद्र के परिवार में अब कोई नहीं है। एक भाई था, जिसकी भी 15 साल पहले बीमारी के चलते मृत्यु हो चुकी है। घटना की जानकारी के बाद बच्चे जिस स्कूल में पढ़ते हैं, उसके संचालक ने उन्हें नि:शुल्क शिक्षा देने की बात कही है। ग्रामीणों का कहना है कि वे भी बच्चों की पूरी मदद करेंगे, लेकिन सरकार भी अगर इनकी कुछ मदद करे तो इन्हें किसी के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।