मोदी से अमरिंदरः जोन बांटने का काम हमें दीजिए, फैक्ट्रियां खुल जाएंगी और मजदूर भी रुक जाएंगे


चंडीगढ़
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) के साथ राज्यों के सीएम वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में हर राज्य ने अपने सुझाव दिए। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि राज्य की जिम्मेदारी उन्हें दे दी जाए, क्योंकि वह अपने राज्य को ठीक से जानते हैं। कोरोना जोन वह बांट लेंगे, इससे उद्योग भी चल जाएंगे और श्रमिकों का पलायन भी रुक जाएगा।

अमरिंदर सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रिंग में बताया कि अब तक राज्य में 1823 केस कोरोना के मिले हैं। 31 मौतें हुई हैं। उन्होंने कहा कि किसी जिले में एक-दो एरिया में कोरोना केस आने के बाद पूरा जिला रेड जोन में कर दिया गया। इससे उन लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


सीएम ने कहा कि उनके यहां जालंधर, पटियाला , लुधियाना तीन जिले रेड जोन में हैं। जबकि उन्हें जिम्मेदारी दे दी जाए तो वे अपने राज्य को खुद मैनेज कर लेंगे। उन्होंने कहा कि जैसे पटियाला में राजपुरा में केस आया तो पूरा पटिलाया जिला रेड जोन करने की बजाए वह इलाका आइसोलेट करके बफर जोन बना देंगे और बाकी हिस्सा खोल देंगे।


'हम जानते हैं कहां क्या करना है'
अमरिंदर सिंह ने कहा कि उनके तीन जिले रेड जोन हैं लुधियाना, पटियाला और जालंधर। इन तीन जिलों में दो औद्योगिक इलाके हैं। लुधियाना में 207 बड़े उद्योग हैं। यहां 60 हजार छोटी इकाइयां हैं। पूरा जिला रेड जोन होने से कोई काम नहीं कर सकता है। यही समस्या जालंधर में भी है। उन्होंने पीएम से कहा, 'हम आपसे रिक्वेस्ट करते हैं। हम अपने इलाके को जानते हैं हमें इजाजत दे दें हम खुद ही सब कर लेंगे। हम जानते हैं कि कहां क्या है। हम स्थितियां कंट्रोल कर सकते हैं।'


सुधार लेंगे अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी बढ़ने से
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि उनके यहां 11.5 लाख श्रमिकों ने अपने राज्यों में वापस जाने के लिए पंजीकरण किया है। अधिकांश श्रमिक यूपी (Uttar pradesh), बिहार (Bihar) और झारखंड (Jharkhand) के हैं। राज्य से अब तक 60 ट्रेनें भेजी जा चुकी हैं और रोज 13 से 14 ट्रेनें भेज रहे हैं। अगर लुधियाना और जालंधर में काम शुरु हो जाता तो ये सारे श्रमिक रुक जाते। अभी भी 30 फीसदी श्रमिक रुके हैं। हमें जिम्मेदारी दे दी जाती तो हम राजस्व और नौकरियां दोनों बचा सकते थे।


कैसे चलाऊं राज्य?
सीएम ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था बहुत खराब है। जहां राजस्व 3360 करोड़ था वहीं अब 88 फीसदी राजस्व भी नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि कैसे राज्य चलाऊं कुछ भी पास में नहीं है। रोज 30 करोड़ बिजली विभाग को घाटा हो रहा है। 4365 करोड़ जीएसटी (GST) पेंडिंग हैं। कोविड की लड़ाई में भी राज्य को केंद्र से कुछ नहीं मिला। 


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