पुलिस इंस्पेक्टर खुदकुशी केस-श्रीगंगानगर जिले के पैतृक गांव में राजकीय सम्मान से हुआ दाहसंस्कार-राजगढ़ थाने के स्टाफ स्वैच्छिक ट्रांसफर के लिए आईजी को लिखा पत्र, कहा- हम सभी भयभीत और व्यथित


श्रीगंगानगर जिले में पैतृक गांव में रविवार दोपहर को राजकीय सम्मान से हुआ पुलिस इंस्पेक्टर विष्णुदत्त का अंतिम संस्कार 
चुरु. जिले के राजगढ़ थानाप्रभारी पुलिस इंस्पेक्टर विष्णुदत्त विश्नोई के सरकारी क्वार्टर में फंदा लगाकर खुदकुशी के बाद एक पत्र ने पुलिस महकमे के अफसरों को परेशानी में डाल दिया है। दरअसल यह हस्ताक्षरित पत्र राजगढ़ थाने में पदस्थापित पूरे स्टाफ ने बीकानेर रेंज आईजी के नाम लिखा है। इसमें सामूहिक रुप से स्वैच्छिक अन्यत्र ट्रांसफर करने की बात कही है। इस पत्र में पुलिसकर्मियों ने लिखा है कि 23 मई को एसएचओ साहब विष्णुदत्त विश्नोई के साथ जो घटना हुई है। इस घटना से हम सभी स्टाफ भयभीत है।


सादुलपुर विधायक और उनके कार्यकर्ता झूठी शिकायतें कर कार्रवाई करवाते है


पत्र में थाने के स्टाफ ने पीड़ा जाहिर करते हुए बताया कि आये दिन रोजमर्रा की ड्यूटी करते वक्त छोटी-छोटी बातों को लेकर सादुलपुर विधायक और उनके कार्यकता हमारी झूठी व मिथ्यापूर्वक शिकायत उच्चाधिकारियों को करते है। पिछले ही दिनों हेडकांस्टेबल सज्जन कुमार, हेडकांस्टेबल इंद्रसिंह, कांस्टेबल चालक राजेश व कांस्टेबल मनोज का ऐसी ही झूठी शिकायतों के आधार पर ट्रांसफर पुलिस लाइन में कर दिया गया था। इसके बाद थानाप्रभारी विष्णुदत्त ने भी खुदकुशी कर ली। इससे थाने का पूरा स्टाफ भयभीत है। इस घटना से हमारा मनोबल बुरी तरह से टूट गया है। इसलिए हम सभी का ट्रांसफर कहीं और कर दिया जाए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति दोबारा ना हो।


पुलिस इंस्पेक्टर विष्णुदत्त विश्नोई के शव पोस्टमार्टम के बाद रविवार को श्रीगंगानगर जिले में स्थित उनके पैतृक गांव ले जाया गया। जहां पुलिस की गाड़ियों का एक लंबा काफिला सड़क से गुजरा। इस दौरान सैंकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग लंबी लाइन बनाकर सड़क के दोनों तरफ खड़े रहे। ज्योंही विश्नोई की पार्थिव देह को लेकर एंबुलेंस बाजार से गुजरी। वहां लोगों ने एंबुलेंस पर फूल बरसाए। भारत माता की जय और विष्णुदत्त अमर रहे के नारे लगाए। इसके बाद राजकीय सम्मान के साथ विष्णुदत्त विश्नोई का अंतिम संस्कार कर दिया गया। जिसमें पुलिस अफसर व स्थानीय लोग मौजूद रहे। 
दिवंगत पुलिस इंस्पेक्टर विष्णुदत्त का शव बाजार से गुजरा तो वहां सैंकड़ों की संख्या में लोगों ने बरसाए फूल


छोटे भाई ने राजगढ़ थाने में दर्ज करवाया, आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला


पुलिस इंस्पेक्टर विष्णुदत्त विश्नोई खुदकुशी प्रकरण में उनके छोटे भाई संदीप विश्नोई ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा राजगढ़ थाने में दर्ज करवाया है। केस की जांच सीआईडी क्राइम ब्रांच के एसपी विकास शर्मा को दी गई है। इस मुकदमे में संदीप ने बताया कि उनके भाई को गंदी राजनीतिक में फंसाने की साजिश थी। ऐसे में वे चारों तरफ से दबाव में घिर गए थे। उनके भाई ने थानाप्रभारी रहते हुए रोजनामचे में भी इस दबाव के बारे में कई रपट डाली हुई थी। उन्हें अनुचित तरीके से दबाव डालकर परेशान किया जा रहा था। इससे उन्होंने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।  


यह था मामला: 


चुरु जिले में राजगढ़ थानाप्रभारी विष्णुदत्त विश्नोई ने शनिवार तड़के अपने थाना परिसर के नजदीक बने सरकारी क्वार्टर में पंखे के कड़े से गले में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे रसोईया चाय लेकर विष्णुदत्त को जगाने पहुंचा। तब अंदर से कमरे का दरवाजा बंद मिला। तब उसने थाने के स्टाफ को बताया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने क्वार्टर का दरवाजा तोड़कर देखा तो अंदर फंदे पर राजगढ़ एसएचओ विष्णुदत्त लटक रहे थे। उनकी मौत हो चुकी थी। तब थाने के स्टाफ ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद मामला गरमाया गया। वहां सूचना मिलने पर रेंज आईजी जोस मोहन पहुंचे। डीजीपी डॉ. भूपेंद्र सिंह यादव ने एडीजी बीएल सोनी के निर्देशन में केस की जांच सीआईडी सीबी के एसपी विकास शर्मा को सौंपी। मामले में राजनीति भी गरमा गई है। बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लिया है। वहीं, स्थानीय विधायक कृष्णा पूनियां के खिलाफ भी नारेबाजी की गई।


दो सुसाइड नोट लिखे: एक में लिखा- मेरे चारों तरफ इतना प्रेशर बना दिया गया है कि मैं तनाव नहीं झेल पाया


पुलिस इंस्पेक्टर विष्णुदत्त ने दो सुसाइड नोट लिखे थे। इनमें से एक पत्र में एसपी चुरु तेजस्विनी गौतम को लिखते हुए कहा कि आदरणीय मैडम, माफ करना, प्लीज, मेरे चारों तरफ इतना प्रेशर बना दिया गया कि मैं तनाव नहीं झेल पाया। मैंने अंतिम सांस तक मेरा सर्वोत्तम देने का राजस्थान पुलिस को प्रयास किया। निवेदन है कि किसी को परेशान नहीं किया जाए। मैं बुजदिल नहीं था। बस तनाव नहीं झेल पाया। मेरा गुनाहगार मैं स्वयं हूं।
पुलिस इंस्पेक्टर विष्णुदत्त द्वारा एसपी चुरु के नाम लिखा गया सुसाइड नोट
पुलिस इंस्पेक्टर विष्णुदत्त द्वारा परिवार वालों के नाम लिखा गया सुसाइड नोट


वहीं, दूसरे सुसाइड नोट में इंस्पेक्टर विष्णुदत्त ने अपने माता पिता, पत्नी उमेश के नाम लिखते हुए कहा कि आदरणीय मां पापा, मैं आपका गुनाहगार हूं। इस उम्र में दुख देकर जा रहा हूं। उमेश, मन्कू और लक्की मेरे पास कोई शब्द नहीं है। आपको बीच मझधार में छोड़कर जा रहा हूं। पता है ये कायरों का काम है बहुत कोशिश की खुद को संभालने की पर शायद गुरु महाराज ने इतनी सांस दी थी। उमेश दोनों बच्चों के लिए मेरा सपना पूरा करना। संदीप भाई पूरे परिवार को संभाल लेना प्लीज, मैं खुद गुनाहगार हूं। आप सबका विष्णु


सोशल एक्टिविस्ट से चेटिंग में कहा-अफसर कमजोर है, मुझे गंदी राजनीति में फंसाने की कोशिश हो रही है


खुदकुशी करने से पहले थानाप्रभारी ने एक सुसाइड नोट लिखा था। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि इसमें किसी के नाम का जिक्र नहीं है। इसके अलावा यह भी पता चला है कि खुदकुशी से एक दिन पहले इंस्पेक्टर विष्णु दत्त ने अपने परिचित सोशल एक्टिविस्ट से व्हाट्सएप पर चेटिंग की थी। जिसमें लिखा था राजगढ़ में उन्हें गंदी राजनीति के भंवर में फंसाने की कोशिश हो रही है। ऐसे में वह अब स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले है। यहां के ऑफिसर बहुत कमजोर है। इस व्हाट्सएप चेटिंग के स्क्रीन शॉट भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। मामले में डीजीपी भूपेंद्र सिंह का कहना है कि इसकी जांच करवाई जाएगी। डीजीपी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि विष्णुदत्त एक अच्छे अफसर थे। हर कोई अधिकारी उन्हें अपनी टीम में लेना चाहता था।