वतन वापसी के चंद घंटे शेष / शुक्रवार को लंदन से 150 राजस्थानियों को जयपुर लाएगी पहली फ्लाइट, हवाई किराए से कोरोना टेस्ट तक का भुगतान यात्रियों को देना होगा


जयपुर. केंद्र सरकार के वंदे भारत अभियान के तहत विदेशों में फंसे प्रवासी राजस्थानी 22 मई से जयपुर पहुंचना शुरू होंगे। 22 मई से एक जून तक कुल 13 फ्लाइट्स जयपुर आएंगी, जिनमें करीब 2000 प्रवासी राजस्थानी लौटेंगे। 22 मई को लंदन से पहली फ्लाइट दोपहर 1:30 बजे जयपुर पहुंचेगी। यह फ्लाइट दिल्ली में लैंड करेगी और वहां से यात्री दूसरी उड़ान से जयपुर पहुंचेंगे। इसमें करीब 150 प्रवासी राजस्थानी जयपुर आएंगे।


ब्रिटेन, कनाडा, रूस, कजाकिस्तान, फिलीपींस, किर्गिस्तान, जॉर्जिया जैसे देशों से प्रवासी राजस्थानी जयपुर आएंगे। विमान से उतरते ही यात्रियों को सुरक्षा घेरे में ले लिया जाएगा। सभी यात्रियों की पहुंचते ही थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। जिन यात्रियों में कोरोनावायरस के संभावित लक्षण दिखाई देंगे, उन्हें तुरंत ही अलग करते हुए डेडीकेटेड कोविड-19 केयर सेंटर ले जाया जाएगा। बचे हुए यात्रियों को 20-20 के ग्रुप में रखते हुए थर्मल स्क्रीनिंग और अन्य जांच की जाएगी। यात्रियों के सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म के आधार पर उनका मेडिकल चेकअप किया जाएगा।


एयरपोर्ट से ही होटल में किया जाएगा क्वारैंटाइन
सीआईएसएफ के सीनियर कमांडेंट वाईपी सिंह ने बताया कि वंदे भारत मिशन के तहत जयपुर आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग और उन्हें क्वॉरेंटाइन रखने के लिए कई विभागों की समन्वित टीम बनाई गई है। जिला प्रशासन के अधिकारी इनकी मॉनिटरिंग करेंगे। क्वारैंटाइन सेंटर में 14 दिन की अवधि पूरा करने के बाद भी यात्रियों को घर पर 14 दिन के अतिरिक्त सेल्फ ऑब्जर्वेशन में रहना होगा। एयरपोर्ट पर सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने के लिए व्यवस्था की जा रही है। अराइवल एरिया में यात्रियों को ग्रुप में रखने के लिए जगह चिन्हित कर उन्हें इमीग्रेशन और कस्टम एरिया में किस तरह लाना है, इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं। कुर्सियों के बीच में गैप रखा गया है। एयरपोर्ट के प्रत्येक हिस्से में बार-बार सैनिटाइजेशन किया जा रहा है।


एयरपोर्ट निदेशक जयदीप सिंह बल्हारा ने बताया कि नियमित रूप से फ्लाइट शुरू होने से पहले वंदे भारत मिशन की फ्लाइट्स हमारे लिए एक चैलेंज की तरह हैं, जिन्हें बेहतर तरीके से संचालित करने का टास्क रखा गया है। इसमें हमें राज्य सरकार की सभी एजेंसियों का पूरा सहयोग मिलेगा।


हवाई किराया, होटल के बिल से लेकर कोरोना टेस्ट तक का भुगतान यात्रियों को ही करना होगा
एयरपोर्ट पर थर्मल स्क्रीनिंग के बाद यात्रियों को 'आरोग्य सेतु' और 'राज कोविड इन्फो' एप डाउन लोड करने होंगे। जिन यात्रियों में कोरोना के लक्षण नहीं होंगे, उनका ईमिग्रेशन क्लीयरेंस कराया जाएगा। यात्रियों के पासपोर्ट सीआईएसएफ के एक अधिकारी के पास रहेंगे। इमीग्रेशन क्लीयरेंस के बाद यात्रियों को लगेज कलेक्शन के लिए ले जाया जाएगा। इसके बाद यात्रियों को कस्टम क्लीयरेंस लेना होगा।


20-20 के ग्रुप में यात्रियों को पुलिस को सौंपा जाएगा
कस्टम क्लीयरेंस होने के बाद सीआईएसएफ के अधिकारी यात्रियों को 20-20 के ग्रुप में पुलिस को सौंपेंगे। यात्रियों की सूची और उनका लगेज भी पुलिस को दिया जाएगा राज्य पुलिस के अधिकारी यात्रियों को क्वॉरैंटाइन सेंटर यानी होटल चुनने के लिए कहेंगे। राज्य सरकार ने तीन श्रेणियों स्टैंडर्ड, मीडियम और हाई श्रेणी के होटल्स क्वॉरेंटाइन के लिए चिन्हित किए हैं। इनमें मैरियट, हिल्टन, बेला कासा, फर्न, नीरजा इन जैसे प्रमुख होटल शामिल हैं। यात्रियों को होटल्स में 14 दिन रहना होगा, जिनका किराया भी उन्हीं को चुकाना होगा। अंतिम दिन कोरोना टेस्ट कराया जाएगा, जिसका भुगतान भी यात्री करेंगे। कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही यात्री घर लौट सकेंगे। 


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