हैदराबाद रेपः जंतर-मंतर खाली करने की पुलिस की अपील, स्वाति का अनशन जारी


नई दिल्ली
रेप की घटनाओं के खिलाफ अनशन कर रहीं दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल से पुलिस ने मंगलवार को अपील की है कि वह शाम 5 बजे के बाद जंतर-मंतर को खाली कर दें। पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश का हवाला देते हुए यह अपील की है जिसमें शाम 5 बजे के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत नहीं है। हालांकि, पुलिस की अपील के बाद भी उनका जंतर-मंतर पर अनशन जारी है। स्वाति हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ रेप और उनकी हत्या की घटना के खिलाफ अनशन पर बैठी हैं।


सुबह मालीवाल ने पुलिस पर उन्हें जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की अनुमति नहीं देने का आरोप लगाया था। दिल्ली पुलिस ने मालीवाल के उन आरोपों को खारिज कर दिया। मामले को स्पष्ट करने की मांग करते हुए पुलिस ने कहा कि डीसीडब्ल्यू को पत्र लिख प्रदर्शन का विवरण, परिवहन के साधन, माइक्रोफोन के प्रबंध और इसमें शामिल होने वाले प्रदर्शनकारियों की संख्या के संबंध में जानकारी मांगी है। साथ ही उस हलफनामे की एक प्रति भी मांगी है जिसे सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार भरा जाना होता है। उन्होंने बताया कि विवरण का इंतजार किया जा रहा है।


पीएम मोदी को स्वाति की चिट्ठी
हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ गैंगरेप और फिर उनकी हत्या और राजस्थान में 6 साल की बच्ची के साथ रेप की घटना के खिलाफ मालीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिख आरोपियों को दोषी साबित करने के छह महीने के अंदर फांसी देने की भी मांग की है। डीसीडब्ल्यू की अध्यक्ष ने जंतर-मंतर पर कहा, 'मेरी प्रधानमंत्री से यह मांग है कि रेप के दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। हैदराबाद मामले के आरोपियों को सूली पर लटका देना चाहिए। पिछले साल, मैंने प्रदर्शन किया था और 10 दिन के अंदर सरकार ने नाबालिगों के साथ रेप मामले के दोषियों को छह महीने के भीतर फांसी की सजा देने का कानून बनाया, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।'


उन्होंने कहा, 'अब, मैं चाहती हूं कि सरकार यह कानून लागू करे। मैं कड़ी और त्वरित सजा देने की मांग कर रही हूं। हमें कानून के बेहतर क्रियान्वयन के लिए बुनियादी ढांचे को बढ़ाने की आवश्यकता है। दिल्ली में 66,000 पुलिस अधिकारियों और 45 त्वरित अदालतों की कमी है।'