सीएए में मुस्लिमों को जोड़ना चाहता है शिरोमणि अकाली दल, लेकिन एनआरसी पर चुप




जालंधर
शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने नागरिकता संशोधन कानून में मुस्लिमों को भी शामिल करने अपनी पार्टी की मांग दोहराई। एक दिन पहले ही पंजाब बीजेपी अध्यक्ष श्वेत मलिक ने इस मुद्दे पर एसएडी का विचार खारिज कर दिया था। अकाली दल केंद्र की सत्ता में आसीन बीजेपी का सहोयगी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा है।

अमरिंदर सरकार के खिलाफ धरना सभा को संबोधित करने पटियाला पहुंचे बादल ने कहा कि वह संसद में यह मुद्दा उठा चुके हैं और सीएए में मुसलमानों को शामिल करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सिख गुरुओं का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने दूसरे धर्मों के लिए अपनी जान दे दी थी। हालांकि, उन्होंने नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (एनआरसी) पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।


मलिक ने अकाली दल की मांग को 'विचारों में मौलिक अंतर' कहकर खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र में हम अलग-अलग विचार रख सकते हैं। उन्हें (अकाली दल को) इस मुद्दे पर अपना अलग विचार रखने का अधिकार है। जरूरी नहीं कि किसी मुद्दे पर सहयोगी दल का विचार भी आप जैसा हो।' वैसे बीजेपी ने एनआरसी को देशभर में लागू करने वाला ट्वीट हटा लिया, लेकिन मलिक का कहना है कि पार्टी इस पर अडिग है।